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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा: रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा- परीक्षा पर फैसला छात्रों की सुरक्षा और भविष्य को देखकर होगा
Mon, 24 May 2021 05:55 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 24 May 2021 05:55 AM IST
सार
- 12वीं बोर्ड और पेशेवर कोर्स में प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन को लेकर चार केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों की अध्यक्षता में रविवार को सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों और अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक हुई
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बैठक के बाद कहा कि राज्यों से 25 मई तक विस्तार से सुझाव मांगे गए हैं
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रमेश पोखरियाल निशंक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रविवार को सीबीएसई समेत देश के सभी प्रदेश शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा और पेशेवर कोर्स की प्रवेश परीक्षाओं को लेकर केंद्र और राज्यों की करीब चार घंटे बैठक चली। सरकार ने राज्यों को सीबीएसई बोर्ड और शिक्षा विशेषज्ञों द्वारा परीक्षा आयोजन को लेकर दो प्रस्ताव दिए।
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दिल्ली को छोड़कर अधिकतर राज्य परीक्षा आयोजन करवाने के पक्ष में दिखे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बैठक के बाद कहा कि राज्यों से 25 मई तक विस्तार से सुझाव मांगे हैं। मैं छात्रों और अभिभावकों को आश्वासन देता हूं कि कोरोना हालात, उनकी सुरक्षा और भविष्य को देखकर जल्द से जल्द फैसला लिया जाएगा।
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कोरोना की दूसरी लहर के बढ़ते संक्रमण के चलते सीबीएसई बोर्ड और प्रदेश शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की स्थगित परीक्षाओं पर अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है। 12वीं बोर्ड और पेशेवर कोर्स में प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन को लेकर चार केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों की अध्यक्षता में रविवार को सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों और अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक हुई।
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सुबह करीब 11.35 पर बैठक शुरू होकर दुपहर करीब 3 बजे तक चली। सबसे पहले केंद्र ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए परीक्षा आयोजन की जरूरत पर अपनी राय दी। इसके साथ ही सीबीएसई बोर्ड और शिक्षा विशेषज्ञों द्वारा बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार दो प्रस्ताव दिये। इसके बाद सभी राज्यों ने बारी-बारी अपनी बात रखी।
छात्रों के भविष्य को लेकर राज्य सहमत:
सूत्रों के मुताबिक, छात्रों को भविष्य को देखकर दिल्ली को छोड़कर अधिकतर राज्य परीक्षा को लेकर सहमत दिखे। वे मानते हैं कि यदि परीक्षा से रिजल्ट जारी नहीं होता है तो ऐसे छात्रों को जीवन भर आगे नौकरी और उच्च शिक्षा में दिक्कत आएगी। इसलिए परीक्षा जरूरी है। बैठक में राज्यों के इसी सकारात्मक रवैये को देखकर केंद्र ने अब 25 मई तक दोबारा राज्यों को विस्तार से शिक्षा मंत्रालय को अपने सुझाव देने को कहा है। इसके बाद मंत्रालय अगला फैसला लेगा।
बैठक सार्थक रही, काफी मूल्यावान सुझाव मिले: निशंक
प्रधानमंत्री की संकल्पना के अनुरूप यह बैठक काफी सार्थक रही और हमें काफी मूल्यवान सुझाव प्राप्त हुए । मैंने राज्य सरकारों से 25 मई तक विस्तृत सुझाव भेजने का आग्रह किया है। मुझे विश्वास है कि हम 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के संबंध में जानकार और सामूहिक निर्णय तक पहुंचेंगे।
जल्द से जल्द हमारे अंतिम फैसले की जानकारी देकर छात्रों और अभिभावकों के मन की अनिश्चितता को समाप्त कर सकेंगे। हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि छात्रों एवं शिक्षकों की सुरक्षा और उनका भविष्य हमारे लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण है । इस उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा लेने के लिये राज्यों के शिक्षा मंत्रियों व अधिकारियों को धन्यवाद देता हूं। -रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री।