सीबीएसई ने स्कूलों पर कसा शिकंजा, मांगी फीस की जानकारी

डॉ. अखिलेश मिश्रा/ अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sun, 02 Oct 2016 04:34 AM IST
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CBSE ask fees information from schools
- फोटो : getty

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध निजी स्कूलों के प्रबंधन अब मनमानी नहीं कर सकेंगे। बोर्ड ने स्कूल की फीस को छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं से जोड़कर समीक्षा के बाद फीस रिव्यू करने का फैसला किया है। निजी स्कूल प्रबंधन एवं प्रधानाचार्यों को स्कूल की फीस, बच्चों के लिए ट्रांसपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, सिक्योरिटी सिस्टम, स्टूडेंट डेटा, टीचर्स डेटा और क्वालिफिकेशन, लैब सिस्टम और स्कूल सभी प्रकार की ऑनलाइन जानकारी देनी होगी।
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स्कूल प्रबंधन को सीबीएसई की वेबसाइट पर स्कूल के बारे में पूरी जानकारी 31 अक्तूबर तक उपलब्ध करानी होगी। बोर्ड ने अभिभावकों की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए नई गाइड लाइन जारी की है। सीबीएसई की ओर से स्कूलों की मान्यता के लिए जारी गाइड लाइन में कहा गया है कि बच्चों एवं अभिभावकों से ली जाने वाली फीस को सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
सीबीएसई स्कूलों से मिलने वाली जानकारी को रिव्यू करके एक महीने में तय करेगा कि किस स्कूल की फीस कितनी हो। इस जानकारी को बोर्ड अपनी वेबसाइट पर देगा, जिससे अभिभावक स्कूलों की असलियत जान सकें। इससे पहले बोर्ड ने फीस को लेकर पहले ही गाइड लाइन जारी कर दी है कि मनमानी फीस वसूली पर उनकी मान्यता भी जा सकती है।
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अभिभावकों की आवाज पर बोर्ड की पहल

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