अस्थाना मामले के जांच अधिकारी को हटाने पर सीबीआई का यू-टर्न
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सीबीआई ने शुक्रवार को संयुक्त निदेशक वी. मुरुगेशन की जिम्मेदारियां बदले जाने के कुछ ही देर बाद अपने आदेश पर ‘यू-टर्न’ ले लिया। मुरुगेशन सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच कर रहे थे।
शुक्रवार को एक आंतरिक आदेश के जरिए उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक विंग से हटाकर आर्थिक अपराध विंग में कोयला घोटाले की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। लेकिन थोड़ी ही देर बाद सीबीआई ने एक दूसरा आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि मुरुगेशन ही अस्थाना मामले की जांच को ‘सुपरवाइज’ करते रहेंगे।
मुरुगेशन की जगह सीबीआई लखनऊ जोन के संयुक्त निदेशक जीके गोस्वामी को भ्रष्टाचार निरोधक विंग में संयुक्त निदेशक एसी (एचक्यू)-1 जोन की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस जोन में ही अस्थाना का मामला दर्ज है। मुरुगेशन के अलावा एक अन्य संयुक्त निदेशक विनीत विनायक को भी दिल्ली जोन के भ्रष्टाचार निरोधक विंग से हटाकर अतिरिक्त निदेशक प्रवीण सिन्हा को तैनाती दे दी गई है।
मुरुगेशन को अस्थाना के खिलाफ मामले की जांच टीम के नेतृत्व की जिम्मेदारी सीबीआई के कार्यवाहक निदेशक एम. नागेश्वर राव ने सौंपी थी। उन्हें इस जांच से हटाने वाले आदेश में कहा गया है कि कोयला घोटाले जांच को जल्द पूरा करने के प्रयासों के तहत उन्हें शिफ्ट किया जा रहा है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि मुरुगेशन संयुक्त निदेशक एसी (एचक्यू)-1 जोन के अतिरिक्त चार्ज में भी फंसे थे, जो एक ‘हैवी जोन’ होने के कारण उनका बहुत सारा समय और ध्यान बंटा रहा था।
क्या है अस्थाना का मामला
सीबीआई ने 15 अक्तूबर, 2018 को बिजनेसमैन सतीश बाबू साना की शिकायत के आधार पर राकेश अस्थाना के खिलाफ गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। मीट कारोबारी मोइन कुरैशी के मामले में अस्थाना की विशेष जांच टीम ने साना से पूछताछ की थी।
साना का आरोप था कि दुबई स्थित एक बिचौलिए ने 2 करोड़ रुपये की रिश्वत के बदले अपने अस्थाना के साथ खास संबंधों की मदद से उसे राहत दिलाने का प्रस्ताव दिया था। तत्कालीन सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के निर्देश पर अस्थाना की टीम के एक डिप्टी एसपी को गिरफ्तार कर लिया था।
अस्थाना ने वर्मा पर ही साना से करोड़ों रुपये की रिश्वत लेने समेत कई अन्य गंभीर आरोप वाली शिकायत केंद्रीय सतर्कता आयोग को भेजी थी। ऐसे में इस विवाद को ‘सीबीआई बनाम सीबीआई’ नाम से चर्चा मिलने पर सरकार ने अस्थाना और वर्मा, दोनों को अवकाश पर भेजकर एम. नागेश्वर राव को कार्यवाहक निदेशक बना दिया था।
अस्थाना बनने वाले थे नए निदेशक
भ्रष्टाचार के आरोपों से पहले अस्थाना अगले सीबीआई निदेशक बनने की कतार में थे, जिसके लिए नामों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की तीन सदस्यीय कमेटी को नए निदेशक का का चयन 31 जनवरी, 2019 को वर्मा की सेवानिवृत्ति से पहले ही करना था। लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप के बाद अस्थाना के अगला निदेशक बनने की उम्मीद धूमिल हो गई है।