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बंगलूरू: कर्नाटक कॉर्पोरेशन में करोड़ों के अवैध ट्रांसफर मामले में CBI की जांच शुरू, UBI ने की थी शिकायत

Wed, 05 Jun 2024 05:08 PM IST
विशांत श्रीवास्तव अमर उजाला, न्यूज डेस्क, बंगलूरू
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, बंगलूरू Published by: विशांत श्रीवास्तव Updated Wed, 05 Jun 2024 05:08 PM IST
सार

कर्नाटक महर्षि वाल्मिकी अनुसूचित जनजाति विकास निगम में करोड़ों रुपये के अवैध ट्रांसफर के मामले में बुधवार को सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने कॉर्पोरेशन के खिलाफ सीबीआई से शिकायत की थी। 

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CBI takes up probe into multi-crore money transfer case involving state-run Corporation in Karnataka
सीबीआई - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कर्नाटक महर्षि वाल्मिकी अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड से जुड़े करोड़ों के अवैध ट्रांसफर के मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। राज्य के गृहमंत्री जी परमेश्वरा ने बुधवार को इसकी जानकारी दी है। 

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परमेश्वरा ने बताया कि एजेंसी से औपचारिक आवेदन मिलने के बाद सरकार केस सीबीआई को सौंप देगी।

पिछले हफ्ते यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने CBI से की थी शिकायत

मुंबई स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मुख्यालय की ओर से पिछले हफ्ते ऑपचारिक रूप से सीबीआई से शिकायत की गई थी। इसमें बताया गया था सरकारी निगम ने पब्लिक धन का गबन किया है। इसके बाद तीन अधिकारियों को निलंबित भी किया जा चुका है। 
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वहीं कॉर्पोरेशन ने भी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खिलाफ 88 करोड़ रुपये का गबन करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करवाई थी।

कॉर्पोरेशन ने भी बैंक के अधिकारियों पर गबन का आरोप लगाया

कर्नाटक के गृहमंत्री ने बताया, ‘यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने सीबीआई से लिखित रूप में शिकायत की थी कि अगर किसी बैंक में 3 करोड़ रुपये से ज्यादा के गबन का मामला है, तो सीबीआई स्वत संज्ञान लेकर जांच कर सकती है। बैंक की शिकायत के आधार पर ही सीबीआई ने जांच शुरू की है। 
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‘CBI की जांच में राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी’

मंत्री ने बताया कि सीबीआई की जांच में राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा, ‘हमको अभी भी फैसला लेना है कि सीबीआई मामले में पूछताछ कर सकती है या नहीं क्योंकि जनजाति कल्याण विभाग कॉपरेटिव विभाग के अंतर्गत आता है। 

‘CBI को जो भी जानकारी चाहिए, हमको लिखकर देना होगा’

सीबीआई को मामले में पूरी जानकारी देंगे, लेकिन उसके लिए एजेंसी को हमको लिखकर देना होगा। इसके बाद ही सरकार कोई फैसला लेगी।’ उन्होंने आगे कहा कि अगर सीबीआई को लगता है कि कि यह जनजाति कल्याण विभाग का मामला है तो वह मंत्री बी नागरा से पूछताछ कर कर सकते हैं। लेकिन यह फैसला सीबीआई को लेना है कि उन्हें इस मामले में क्या करना है। 

पढ़िए क्या है अवैध धन ट्रांसफर का पूरा मामला 

अवैध तरीके से पैसे ट्रांसफर करने का मामला तब प्रकाश में आया जब कॉर्पोरेश एकाउंट के अधीक्षक ने 26 मई को सुसाइड कर लिया और साथ ही उन्होंने एक सुसाइड नोट भी लिखा था। 


सुसाइड नोट से पता चला कि कॉर्पोरेशन से संबंधि 187 करोड़ अनाधिकृतक तरीके से इसके बैंक अकाउंट से ट्रांसफर किए गए और फिर गलत तरीके से 88 करोड़ रुपए 62 रुपए अलग-अलग बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए। जिनमें एक नामी आईटी कंपनी और हैदराबाद के एक कॉपरेटिव बैंक का नाम भी शामिल है।

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