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CBI: सीबीआई ने कांग्रेस नेता को किया तलब, टाइटलर बोले- सिख दंगे नहीं दूसरे मामले में लिया आवाज का नमूना

Tue, 11 Apr 2023 01:54 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 11 Apr 2023 01:54 PM IST
सार

साल 1984 में इंदिरा गांधी के दो अंगरक्षकों ने ही उनकी हत्या की थी। दोनों अंगरक्षक सिख समुदाय के थे। इस वजह से भारत में सिखों के खिलाफ लोगों में आक्रोश था, जो धीरे-धीरे दंगों में बदल गए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान देश भर में 3,350 सिख मारे गए थे, जिसमें से 2,800 सिखों की हत्या सिर्फ दिल्ली में ही हुई थी।

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CBI summons Congress leader Tytler on Anti Sikh Riots will give voice sample to CFSL
जगदीश टाइटलर - फोटो : file photo

विस्तार

कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर मंगलवार को सीबीआई के सामने पेश हुए। टाइटलर ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मौत के बाद हुए सिख दंगों से जुड़े मामले में अपनी आवाज का नमूना दिया। सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में आगे की कार्रवाई चल रही है। हालांकि, नेता ने सिख दंगों के आरोप को नकारते हुए कहा कि किसी और मामले में आवाज का नमूना लिया गया है। 

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नए सबूतों के कारण सीबीआई ने किया तलब
सीबीआई के अधिकारी का कहना है कि 1984 में हुए सिख दंगे के मामले में कुछ सबूत आएं हैं। इस वजह से 39 साल पुराने मामले में टाइटलर की आवाज का नमूना लिया गया है। इसलिए उन्हें सीबीआई दफ्तर तलब किया गया था। पुल बंगश इलाके में हुए दंगों में कथित तौर पर तीन लोगों की मौत हुई थी।

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नेता ने आरोपी को नकारा
सीबीआई को अपनी आवाज का नमूना देकर दफ्तर से बाहर निकले कांग्रेस नेता टाइटलर ने कहा कि मैंने क्या किया। अगर मेरे खिलाफ सबूत हैं, तो मैं खुद को फांसी देने के लिए तैयार हूं।  टाइटलर का कहना है कि मेरी आवाज का नमूना 1984 के सिख दंगों के लिए नहीं बल्कि किसी दूसरे मामले में लिया गया है।

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यह है पूरा मामला
साल 1984 में इंदिरा गांधी के दो अंगरक्षकों ने ही उनकी हत्या की थी। दोनों अंगरक्षक सिख समुदाय के थे। इस वजह से भारत में सिखों के खिलाफ लोगों में आक्रोश था, जो धीरे-धीरे दंगों में बदल गए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान देश भर में 3,350 सिख मारे गए थे, जिसमें से 2,800 सिखों की हत्या सिर्फ दिल्ली में ही हुई थी। हालांकि, कुछ अन्य सूत्रों के अनुसार देश भर में लगभग 8,000–17,000 सिख मारे गए थे।

आरोपियों को मिली सजा
मामले में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि जब एक बड़ा पेड़ गिरता है, तब पृथ्वी भी हिलती है। 17 दिसंबर 2018 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुख्य आरोपी सज्जन कुमार को उम्रकैद तो वहीं अन्य आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई थी।



 
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