आईएमए पोंजी घोटालाः सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली, 31 लोगों के खिलाफ दर्ज की एफआईआर
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कर्नाटक स्थित ‘आई-मॉनेटरी एडवाइजरी’ (आईएमए) और इस समूह की कंपनियों द्वारा चलाई जाने वाली करोड़ों रुपये की पोंजी योजना से संबंधित मामले की जांच सीबीआई ने अपने हाथों में ले ली है। इस कंपनी ने निवेश के इस्लामिक तरीकों का इस्तेमाल करके उच्च रिटर्न का वादा कर कथित तौर पर लाखों लोगों को चूना लगाया।
आईएमए पोंजी घोटाले में सीबीआई ने 31 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है जिसमें 25 नामजद है। इन सभी लोगों के खिलाफ अब सीबीआई जांच करेगी। इस मामले के मुख्य आरोपी आईएमए ज्वेल्स के संस्थापक और मालिक मंसूर खान हैं। मंसूर खान पर 1500 करोड़ से अधिक रुपये ठगने का आरोप है।
Central Bureau of Investigation (CBI) registers FIR in connection with IMA ponzi scam. 31 accused, including 25 people, have been named in the FIR. pic.twitter.com/LZglTjYxuT
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 2, 2019
सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने कंपनी और उसके कथित मुख्य षड्यंत्रकारी और प्रबंध निदेशक मंसूर खान के अलावा 24 अन्य और आईएमए की चार सहयोगी कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।अधिकारियों ने बताया कि कर्नाटक सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने जांच अपने हाथों में ली है।
बता दें कि इस घोटाले में कई दलाल ओर कुछ धार्मिक उपदेशकों समेत अन्य ने लोगों को आईएमए में निवेश के लिये लुभाया। मामला तब प्रकाश में आया जब खान एक वीडियो संदेश जारी करके दुबई भाग गया। उसने कहा कि वह राज्य और केंद्र सरकार में भ्रष्टाचार की वजह से आत्महत्या कर रहा है।
खान को 21 जुलाई को नई दिल्ली आने पर प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।