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Fake Visa: फ्रांस के दूतावास से फर्जी वीजा जारी करने का मामला आया सामने, सीबीआई ने की छापेमारी
Fri, 16 Dec 2022 10:55 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 16 Dec 2022 10:55 PM IST
सार
सीबीआई की ओर से जारी बयान के मुताबिक, फ्रांस के दूतावास में काम करने वाले शुभम शौकीन और आरती मंडल ने इसे अंजाम दिया। सीबीआई ने दिल्ली, पटियाला, गुरुदासपुर, और जम्मू में छह स्थानों पर छापेमारी की है।
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सीबीआई
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास से फर्जी वीजा जारी करने का मामला सामने आया है। सीबीआई ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की दी है, जिनमें दूतावास में काम करने वाले दो कर्मचारी हैं। इन्हें हटा दिया गया है। एफआइआर दर्ज करने के बाद सीबीआई ने दिल्ली, पटियाला, गुरुदासपुर, और जम्मू में छह स्थानों पर छापेमारी की है।
इन दो आरोपियों ने दिया अंजाम
सीबीआई की ओर से जारी बयान के मुताबिक, फ्रांस के दूतावास में काम करने वाले शुभम शौकीन और आरती मंडल ने इसे अंजाम दिया। इन दोनों ने इस साल एक जनवरी से छह मई तक पंजाब के बहुत लोगों के लिए वीजा जारी किया था। इनमें अधिकतर युवा किसान और बेरोजगार हैं और पहले कभी फ्रांस नहीं गए हैं।
फर्जी वीजा की आशंका, जांच जारी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने आशंका जताई कि इनमें बहुत सारे वीजा फर्जी हो सकते हैं और इसकी जांच की जा रही है। सीबीआई के अनुसार, तीन मामलों में फर्जी वीजा दिए जाने की पुष्टि हो चुकी है। तीनों ही मामलों में बेंगलुरु की एक कंपनी ने फ्रांस की कंपनियों में काम का हवाला देते हुए फ्रांस के कांसुलेट जनरल को पत्र लिखा था। पत्र के साथ ही फर्जी दस्तावेज जमा किए गए।
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बेंगलुरू स्थित कांसुलेट जनरल ने तीनों अर्जी को दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास को भेज दिया, जहां शुभम शौकीन और आरती मंडल ने वरिष्ठ अधिकारियों को बताए बिना ही वीजा जारी कर दिया। यही नहीं, वीजा जारी करने के बाद दोनों ने इससे संबंधित सारे दस्तावेजों को नष्ट भी कर दिया।
सीबीआई ने आरोपियों के ठिकानों पर मारे गए छापे के दौरान कई मोबाइल और लैपटाप भी बरामद किया है। इसके साथ ही उनके ठिकानों से कई संदिग्ध पासपोर्ट भी मिले हैं। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन सबकी जांच की जा रही है।
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इन दो आरोपियों ने दिया अंजाम
सीबीआई की ओर से जारी बयान के मुताबिक, फ्रांस के दूतावास में काम करने वाले शुभम शौकीन और आरती मंडल ने इसे अंजाम दिया। इन दोनों ने इस साल एक जनवरी से छह मई तक पंजाब के बहुत लोगों के लिए वीजा जारी किया था। इनमें अधिकतर युवा किसान और बेरोजगार हैं और पहले कभी फ्रांस नहीं गए हैं।
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फर्जी वीजा की आशंका, जांच जारी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने आशंका जताई कि इनमें बहुत सारे वीजा फर्जी हो सकते हैं और इसकी जांच की जा रही है। सीबीआई के अनुसार, तीन मामलों में फर्जी वीजा दिए जाने की पुष्टि हो चुकी है। तीनों ही मामलों में बेंगलुरु की एक कंपनी ने फ्रांस की कंपनियों में काम का हवाला देते हुए फ्रांस के कांसुलेट जनरल को पत्र लिखा था। पत्र के साथ ही फर्जी दस्तावेज जमा किए गए।
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बेंगलुरू स्थित कांसुलेट जनरल ने तीनों अर्जी को दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास को भेज दिया, जहां शुभम शौकीन और आरती मंडल ने वरिष्ठ अधिकारियों को बताए बिना ही वीजा जारी कर दिया। यही नहीं, वीजा जारी करने के बाद दोनों ने इससे संबंधित सारे दस्तावेजों को नष्ट भी कर दिया।
सीबीआई ने आरोपियों के ठिकानों पर मारे गए छापे के दौरान कई मोबाइल और लैपटाप भी बरामद किया है। इसके साथ ही उनके ठिकानों से कई संदिग्ध पासपोर्ट भी मिले हैं। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन सबकी जांच की जा रही है।