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सीबीआई ने बीसीसीएल के 8 अधिकारियों पर दर्ज किया केस
Sat, 05 Jan 2019 05:06 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 05 Jan 2019 05:06 AM IST
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मुंबई में सीबीआई गिरफ्तारी
सीबीआई ने करीब 22.16 करोड़ रुपये को फर्जी भुगतान के जरिए इधर-उधर करने के मामले में सार्वजनिक क्षेत्र की भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) पर शिकंजा कस दिया है। एक सीबीआई अधिकारी के मुताबिक, कंपनी के 8 वरिष्ठ अधिकारियों पर धनबाद स्थित एक कंपनी के जरिए इस बड़ी रकम को ठिकाने लगाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसी ने अपनी एफआईआर में बास्ताकोल्ला एरिया में तैनात बीसीसीएल के महाप्रबंधक पीके दुबे, अतिरिक्त महाप्रबंधक एके झा, एरिया सर्वे ऑफिसर एमके सिंह, प्रोजेक्ट ऑफिसर बीके झा, कोयला खान प्रबंधकों एनसी घोष व अरुण कुमार, खान सर्वेयर लल्लन कुमार सिंह और एटी-लिब्रा बीपीएल (ज्वाइंट वेंचर) के राहुल सिंह को आरोपी बनाया है।
सीबीआई का आरोप है कि बीसीसीएल धनबाद के अधिकारियों ने राहुल के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचते हुए 2015-18 के बीच एटी-लिब्रा को फर्जी बिलों के आधार पर 22.16 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया, जिसे बाद में सभी ने मिलकर बांट लिया।
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यह भुगतान खान के अंदर ओवरबर्डन लेयर (कोयले की परत के ऊपर चढ़ी मिट्टी-पत्थरों की परत) की करीब 35.30 लाख क्यूबिक मीटर अतिरिक्त मात्रा को हटाने के नाम पर किया गया था, लेकिन असल में ऐसी कोई ओवरबर्डन लेयर मौके पर नहीं थी। इसका खुलासा पिछले साल मार्च में सीबीआई और बीसीसीएल की तरफ से खान में 3डी लेजर स्कैनिंग तकनीक का उपयोग करने के बाद हुआ था।
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जांच एजेंसी ने अपनी एफआईआर में बास्ताकोल्ला एरिया में तैनात बीसीसीएल के महाप्रबंधक पीके दुबे, अतिरिक्त महाप्रबंधक एके झा, एरिया सर्वे ऑफिसर एमके सिंह, प्रोजेक्ट ऑफिसर बीके झा, कोयला खान प्रबंधकों एनसी घोष व अरुण कुमार, खान सर्वेयर लल्लन कुमार सिंह और एटी-लिब्रा बीपीएल (ज्वाइंट वेंचर) के राहुल सिंह को आरोपी बनाया है।
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सीबीआई का आरोप है कि बीसीसीएल धनबाद के अधिकारियों ने राहुल के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचते हुए 2015-18 के बीच एटी-लिब्रा को फर्जी बिलों के आधार पर 22.16 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया, जिसे बाद में सभी ने मिलकर बांट लिया।
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यह भुगतान खान के अंदर ओवरबर्डन लेयर (कोयले की परत के ऊपर चढ़ी मिट्टी-पत्थरों की परत) की करीब 35.30 लाख क्यूबिक मीटर अतिरिक्त मात्रा को हटाने के नाम पर किया गया था, लेकिन असल में ऐसी कोई ओवरबर्डन लेयर मौके पर नहीं थी। इसका खुलासा पिछले साल मार्च में सीबीआई और बीसीसीएल की तरफ से खान में 3डी लेजर स्कैनिंग तकनीक का उपयोग करने के बाद हुआ था।