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सीबीआई बनाम सीबीआई: डोभाल का फोन टैप करने जैसी गतिविधियां खतरनाक
Wed, 16 Jan 2019 12:22 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Wed, 16 Jan 2019 12:22 AM IST
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अजित डोभाल
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सीबीआई अफसरों के आपसी झगड़े के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल का कथित फोन टैप करने पर हाईकोर्ट ने कहा है कि ऐसी गतिविधियां खतरनाक हैं। इस पर एसआईटी बनाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की गई है। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार व सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में फोन टैपिंग व सर्विलांस के लिए दिशा निर्देश बनाने की मांग भी की गई है।
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मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए कहा इस तरह की गतिविधियां देश के लिए खतरनाक हैं। इस याचिका में कहा गया है कि सीबीआई बनाम सीबीआई विवाद के दौरान डोभाल के अलावा भी कई अधिकारियों के फोन अवैध रूप से टैप किए गए।
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याचिकाकर्ता वकील सार्थक चुतर्वेदी का आरोप है कि कई अधिकारियों ने निजी स्वार्थों के चलते अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फोन टैप किए। याचिका में कहा गया है कि आलोक वर्मा व राकेश अस्थाना के बीच विवाद और डोभाल व अस्थाना के बीच हुई बातचीत की जानकारी फोन टैप करने वाली विशेष यूनिट को थी, क्योंकि डोभाल का फोन टेप किया जा रहा था। याचिका में कहा गया है कि इस बात का खुलासा सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई के डीआईजी मनीष सिन्हा के आवेदन पर सुनवाई के दौरान हुआ था।
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याचिकाकर्ता के दावे
मनीष सिन्हा विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ मामले की जांच कर रहे थे और उनका ट्रांसफर कर दिया गया था। सिन्हा के आवेदन का हवाला देते हुए यह भी कहा गया है कि डोभाल ने अस्थाना को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात बताई थी। अस्थाना ने डोभाल से आग्रह किया था कि उनकी गिरफ्तारी न हो। इसके बाद अस्थाना के खिलाफ जांच करने वाली पूरी टीम का अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने ट्रांसफर कर दिया गया था।