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Cyber crime: सीबीआई ने साइबर गिरोह का किया भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिकों से ठगे 350 करोड़ रुपये; तीन गिरफ्तार
Mon, 25 Aug 2025 05:06 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 25 Aug 2025 05:06 PM IST
सार
सीबीआई ने एक साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जिसने अमेरिकी नागरिकों से 350 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। सीबीआई ने तीन कथित अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
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साइबर क्राइम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक हाई-टेक साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया है। जो 2023 से अब तक अमेरिकी नागरिकों से 350 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। सीबीआई ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी तकनीकी सहायता का झांसा देकर लोगों को फंसाते थे।
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सीबीआई अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई के साथ मिलकर की गई इस संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के तीन मुख्य सदस्य जिगर अहमद, यश खुराना और इंदरजीत सिंह बाली को गिरफ्तार किया गया। उनके घरों से 54 लाख रुपये नकद, आठ मोबाइल फोन, लैपटॉप और अपराध से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए।
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अमृतसर से अमेरिका तक बिछाया ठगी का जाल
सीबीआई ने 18 अगस्त को एफआईआर दर्ज करने के बाद 20 अगस्त से अमृतसर और दिल्ली में तलाशी अभियान शुरू किया था। इसमें एक बड़े नेटवर्क का पता चला। जिसके जरिए डिजिटल हेरफेर और वित्तीय धोखाधड़ी की जा रही थी। इस गिरोह ने पंजाब से लेकर वॉशिंगटन डीसी तक अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया गया।
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सीबीआई प्रवक्ता ने बताया, 2023 से 2025 के बीच आरोपियों ने अमेरिकी नागरिकों के कंप्यूटर सिस्टम और बैंक खातों तक अनधिकृत रूप से पहुंच बनाई। उन्होंने पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया कि उनके खाते और वित्तीय जानकारी हैक हो गई है। रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग करके ठगों ने पीड़ितों के सिस्टम और बैंक खातों पर नियंत्रण हासिल कर लिया और उन्हें यह यकीन दिलाया कि उनकी रकम सुरक्षित नहीं है। इसके बाद उन्हें अपने 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 350 करोड़ रुपये) क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स में ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया।
पंजाब में चल रहा था साइबर अपराध का अड्डा
ऑपरेशन के दौरान सीबीआई ने अमृतसर में एक अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा। जहां 34 लोगों को आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाया गया। यह कॉल सेंटर डिजीकैप्स द फ्यूचर ऑफ डिजिटल नाम से खालसा कॉलेज ऑफ वूमेन के सामने ग्लोबल टॉवर में चलाया जा रहा था। छापेमारी में 85 हार्ड ड्राइव, 16 लैपटॉप और 44 मोबाइल फोन सहित कई डिजिटल सबूत मिले हैं। जिनमें धोखाधड़ी से जुड़े अहम डाटा दर्ज है। इनसे वैश्विक धोखाधड़ी नेटवर्क की डिजिटल कड़ियां भी उजागर हुईं।
सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, ऑपरेशन चक्र-IV के तहत सीबीआई का अंतरराष्ट्रीय प्रभाग इंटरपोल और विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर संगठित साइबर अपराध नेटवर्क की पहचान कर उस पर तेज़ी से कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अपराध से अर्जित संपत्ति, व्यापक नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की जांच जारी है।