फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   caste certificate would not big issue in appointment.

खुशखबरी: नियुक्ति में बाधा नहीं बनेगा जाति प्रमाणपत्र

Mon, 09 May 2016 06:04 AM IST
अमित सरन/अमर उजाला, इलाहाबाद
अमित सरन/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Mon, 09 May 2016 06:04 AM IST
विज्ञापन
caste certificate would not big issue in appointment.
- फोटो : getty
केंद्रीय विभागों में नियुक्ति पाने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए राहत वाली खबर है। उनकी नियुक्ति में अब जाति प्रमाणपत्र बाधा नहीं बनेगा।
विज्ञापन


अगर प्रमाणपत्र नहीं है तो उन्हें तत्काल अस्थायी नियुक्ति दी जाएगी और प्रमाणपत्र जारी होने के बाद उन्हें स्थायी कर दिया जाएगा। ऐसे में नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों को न लंबा इंतजार करना होगा और न ही प्रमाणपत्र के लिए तहसीलों के चक्कर लगाने होंगे।
विज्ञापन


प्रमाणपत्र के लिए अभ्यर्थी की ओर से आवेदन किए जाने के बाद उसे प्राप्त करने की जिम्मेदारी विभाग के नियुक्ति प्राधिकारी की होगी। इस बाबत केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीओपीटी ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को भी सलाह दी है कि समय से जाति प्रमाणपत्र न देने या गलत प्रमाणपत्र देने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। डीओपीटी का मानना है कि कुछ मामलों में लोग गलत सर्टिफिकेट पर अस्थायी नियुक्ति पा जाते हैं।

सर्टिफिकेट न होने पर मिलेगी अस्थायी नियुक्ति

caste certificate would not big issue in appointment.
नियुक्ति प्राधिकारी प्रमाणपत्र सत्यापित करने के लिए उसे जिला मजिस्ट्रेट के पास भेजते हैं। कई अभ्यर्थी और कर्मचारियों की मिलीभगत से जाति का सही प्रमाणीकरण नहीं हो पाता और ऐसे लोग नौकरी करते रहते हैं।

राज्य सरकारों से अपील की गई है कि वे डीएम को निर्देश जारी करें कि नियुक्ति प्राधिकारी की ओर से जाति प्रमाणीकरण के अनुरोध पर एक माह में सूचना उपलब्ध कराएं। साथ ही देर से या गलत प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

क्या कहा गया है निर्देश में -
डीओपीटी की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि नियुक्ति के समय अभ्यर्थी के पास अगर तहसील से जारी जाति प्रमाणपत्र नहीं है और वह अपनी जाति से संबंधित कोई दूसरा प्रमाण देता है तो उसे अस्थायी रूप से नियुक्ति दे दी जाए। साथ ही नियुक्ति प्राधिकारी को चाहिए कि अभ्यर्थी के जाति प्रमाणपत्र के लिए जिला मजिस्ट्रेट से स्वयं संपर्क करे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed