सुशील कुमार शिंदे को हराने वाले भाजपा सांसद का जाति प्रमाण पत्र रद्द
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पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार को लोकसभा चुनाव में परास्त करने वाले भाजपा सांसद जय सिद्धेश्वर शिवाचार्य स्वामी का जाति प्रमाण पत्र अवैध घोषित कर दिया गया है। महाराष्ट्र की सोलापुर संसदीय सीट से अनसूचित जाति के लिए आरक्षित है। स्वामी ने इस सीट से शिंदे सहित वंचित विकास आघाड़ी व डॉ भीमराव आम्बेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर को हराकर यह सीट जीती थी। इससे स्वामी की संसद सदस्यता पर खतरा मंडराने लगा है और उपचुनाव की संभावन जताई जा रही है।
भाजपा सांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी ने लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारी के साथ जाति का भी प्रमाण पत्र दिया था जिसमें उनकी जाति बेड जंगम बताई गई है। स्वामी की बेड जंगम जाति को लेकर प्रमोद गायकवाड, मिलिंद मुले और विनायक कंदकरे ने विरोध किया था। इसके खिलाफ जाति पड़ताल समिति में शिकायत की थी।
बीते 31 जनवरी और फिर 1 फरवरी को जाति पड़ताल समिति ने इस पर सुनवाई की थी। समिति स्वामी की जाति से संबंधित कागजात से संतुष्ट नहीं थी। इसलिए सांसद स्वामी से सबूत के रूप में जाति के अन्य कागजात देने के लिए कहा गया था। लेकिन 15 फरवरी को हुई सुनवाई में जाति से संबंधित कोई कागज जमा नहीं किया गया। सांसद जयसिद्धेश्वर स्वामी की ओर से कहा गया कि हाईकोर्ट में याचिका दायर करते समय जाति के मूल कागजात जमा किए गए हैं।
इसलिए जो कागज हाईकोर्ट में दिए गए हैं वह कागजात जाति पड़ताल समिति में पेश नहीं किया जा सकता। हालांकि स्वामी की ओर से वकील संतोष नावटकर ने पुनः जांच की मांग की, लेकिन समिति ने 15 फरवरी को ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सोमवार को समिति ने स्वामी के जाति प्रमाण पत्र को अवैध ठहरा दिया।
कौन हैं जयसिद्धेश्वर स्वामी
जयसिद्धेश्वर स्वामी लिंगायत समाज के धर्मगुरू हैं। उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा था और दिग्गज नेता सुशील कुमार शिंदे को करीब डेढ़ लाख से अधिक मतों से पराजित किया था। जाति प्रमाण पत्र रद्द होने से उनकी सांसदी खतरे में हैं। लेकिन वह जिला जाति पड़ताल समिति के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं।