नोटबंदीः बदलती घोषणाओं के बीच गले की फांस बने ये 7 नियम
सरकार के इस नए नियम ने उन लोगों को बड़ा झटका दिया है जो अभी तक अपनी जमा पूंजी को बैंकों में जमा नहीं कर सके थे। इनमें से काफी संख्या उन लोगों की थी जो बैंकों के बाहर लाइन छोटी होने का इंतजार कर रहे थे, तो कुछ ऐसे भी थे जो एकदोबार बैंक जाकर वापस लौट आए थे और किन्हीं कारणों से अपनी रकम जमा नहीं कर सके थे।
कुछ वे कामगार भी थे जिन्हें उनके मालिकों ने तनख्वाह के रूप में पुराने नोट ही थमा दिए। नोटबंदी के बाद सरकार ने कई नियम ऐसे बना दिए कि आम आदमी के गले की हड्डी बन गए।
आइए डालते हैं ऐसे सात नियमों पर निगाह।
नोट बदलने की लिमिट 4500 से घटाकर दो हजार की गई
प्रधानमंत्री की 4000 रुपये बदले जाने की घोषणा के कुछ दिन बाद सरकार ने रियायत देते हुए नोट बदले जाने की सीमा बढ़ाकर 4500 कर दी। लेकिन हफ्तेभर बाद ही यह लिमिट घटाकर अचानक 2000 रुपये ही कर दी। इसका खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ा जो बैंकों में भारी भीड़ होने के कारण अपने नोट नहीं बदल सके थे।
अचानक पुराने नोट बदलने पर रोक लगाना
लोग अभी नोट बदलने की सोच ही रहे थे कि सरकार ने अचानक 25 नवंबर को घोषणा कर दी कि अब पुराने नोट नहीं बदले जाएंगे केवल जमा किए जा सकेंगे। इसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कत हुई।
केवल केवाईसी वाले खातों में ही जमा होगी 50000 से ज्यादा की रकम
आरबीआई ने एक नया नियम यह भी लागू किया कि 50 हजार से ज्यादा की रकम केवल उन्हीं खातों में जमा की जा सकेगी जिनमें केवाईसी फार्म जमा होंगे। इसके चलते शुरूआत में लोगों ने अपने खातों में पैसे ही जमा नहीं कराए।
शादी के लिए ढाई लाख रुपये निकालने पर थोप दी कई शर्तें
प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी अभियान का सबसे बड़ा खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ा जिनके घरों में शादी थी। इसको लेकर हो हल्ला मचा तो सरकार ने शादी वाले घरों को बैंकों से ढाई लाख रुपये तक निकालने की छूट दे दी। लेकिन उसके लिए इतनी शर्तें जोड़ दी गई कि आदमी आसानी से बैंक तक ही न पहुंच सके।
पहला नियम तो ये ही थोपा गया कि परिवार में कोई एक व्यक्ति ही ढाई लाख तक की रकम निकाल सकता है वो भी माता-पिता या केवल वो जिसकी शादी है। इसके लिए भी शादी का कार्ड लगाना जरूरी कर दिया गया और खर्चों के बिल भी दिखाने होंगे।
जनधन खातों से पैसे निकालने पर लगाई रोक
सरकार ने सबसे कड़ा नियम लागू किया जनधन खातों पर। जिनमें लगातार आधी रकम के बाद पैसे निकालने पर रोक लगा दी गई। फिलहाल जनधन खातों से पैसे निकालने या डालने पर रोक जारी है। इसका खामियाजा उन गरीब लोगों को भुगतना पड़ा जिन्होंने अपनी जिंदगी भर की पूंजी उन जनधन खातों में जमा करा दी जिन्हें सरकार ने पूरे जोर शोर से खुलवाया था।
पहले जमा करने के लिए ढाई लाख की छूट फिर 2 लाख पर भी पूछताछ
नोटबंदी की घोषणा के दौरान ही प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि लोग अपने खाते में अधिकतम ढाई लाख रुपये तक जमा करा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने बाद में भी अपने कई बयानों में कहा कि जिन लोगों ने अपने खाली पड़े अकाउंट में भी ढाई लाख रुपये तक जमा कराए हैं उन्हें बिल्कुल नहीं छेड़ा जाएगा। लेकिन जब लोगों ने अपने खातें में पैसे जमा कराने शुरू किए तो सरकार नया नियम ले आई।
अपनी पुरानी बात से पलटते हुए सरकार ने कह दिया कि ढाई लाख ही नहीं जिन खातों में दो लाख रुपये की रकम भी जमा हुई है संदेह होने पर उनसे भी पूछताछ की जाएगी। सरकार की इस योजना ने उन लोगों के दिलों में भी दहशत पैदा कर दी जिन्होंने अपनी ईमानदारी की कमाई बैंक खातों में जमा कराई थी।
5 हजार से ज्यादा नकदी जमा कराने पर रोक
19 दिसंबर को सरकार ने एक और नियम लागू करते हुए खातों में एक बार से ज्यादा 5 हजार की रकम जमा करने पर भी बैन लगा दिया। आरबीआई ने कहा कि अब ज्यादातर लोग पैसे जमा कर चुके हैं इसलिए एक बार से ज्यादा एक खाते में 5000 की रकम जमा नहीं कराई जा सकती।
आरबीआई का यह फरमान प्रधानमंत्री मोदी की उस घोषणा के बिल्कुल उलट था जिसे वो कई बार सावर्जनिक सभाओं में भी दोहरा चुके थे कि आप आराम से 30 दिसंबर तक अपना पैसा जमा कराइए। आरबीआई और अन्य अधिकारियों ने भी कई बार कहा था कि फिलहाल बैंकों में भीड़ बढ़ाने से अच्छा है कि लोग आराम से आकर अपने पैसे जमा कराएं।
लेकिन अचानक ही आरबीआई ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए कहा कि अब एक खाते में 5000 से ज्यादा की रकम एक बार ही जमा कराई जा सकती है। अब वो लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री की बात पर यकीन करके अभी तक अपने पैसे अकाउंट में जमा नहीं कराए थे। खास बात ये है कि ज्यादा की रकम जमा करने पर ग्राहकों को बैंक अधिकारियों को ये बताना भी होगा कि अभी तक उक्त रकम बैंक में जमा क्यों नहीं कराई।
RBI का एक और यू-टर्न, 5 हजार के पुराने नोट जमा कराने की सीमा हटाई
इसके लिए बैंक आपसे किसी तरह की पूछताछ नहीं करेगी।बता दें कि आरबीआई ने नई अधिसूचना जारी कर कहा था कि 5000 रुपए से ज्यादा के 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट 30 दिसम्बर तक एक ही बार बैंक खाते में जमा कराए जा सकेंगे।
रिजर्व बैंक ने कहा था कि ये जमा भी जवाब तलब करने के बाद ही स्वीकार किए जाएंगे । जमा कराने वक्त जमाकर्ता से दो बैंक अधिकारियो की मौजूदगी में पूछा जाएगा कि आखिरकार अब तक पैसा क्यों नहीं जमा कराया गया।
जवाब संतोषजनक होने के बाद ही पैसा जमा होगा । अब नई अधिसूचना के अनुसार, अब बिना पूछताछ के ही बैंकों में आप 5000 से ज्यादा के पुराने नोट कई बार जमा करा सकते हैं।