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Maharashtra: नवी मुंबई में रक्षक बने भक्षक, सब-इंस्पेक्टर पर महिला कांस्टेबल से दुष्कर्म के आरोप में केस दर्ज

Sun, 23 Jun 2024 12:18 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Sun, 23 Jun 2024 12:18 PM IST
सार

Navi Mumbai Crime News: नवी मुंबई में एक सब-इंस्पेक्टर पर दुष्कर्म के आरोप में केस दर्ज किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 32 वर्षीय पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर विवाहित महिला कांस्टेबल के साथ कथित तौर दुष्कर्म के आरोप में एक केस दर्ज हुआ है।

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Case against sub-inspector for raping subordinate in Navi Mumbai
महाराष्ट्र के नवी मुंबई में रक्षक बने भक्षक - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

महाराष्ट्र के नवी मुंबई में सानपाड़ा इलाके में साल 2020 से जुलाई 2022 के बीच एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने अपने अधीनस्थ काम करने वाली महिला कांस्टेबल के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। मामले में पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी सब-इंस्पेक्टर ने पहले 26 वर्षीय पीड़िता के साथ दोस्ती की। फिर उसने उसके साथ शादी करने का वादा भी किया और सानपाड़ा में मौजूद अपने एक फ्लैट में कई बार उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया।
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सब-इंस्पेक्टर ने पीड़िता को दी थी जान से मारने की धमकी
पुलिस अधिकारी के मुताबिक दोनों पीड़िता कांस्टेबल और आरोपी सब-इंस्पेक्टर मुंबई पुलिस में कार्यरत हैं। वहीं इस पूरे वारदात के दौरान आरोपी सब-इंस्पेक्टर ने पीड़िता कांस्टेबल से समय-समय पर किसी न किसी बहाने से करीब 19 लाख रुपये भी लिए और केवल 14.61 लाख रुपये ही लौटाए। सानपाड़ा पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने महिला कांस्टेबल को प्रताड़ित भी किया और अपने पति को छोड़ने के लिए भी कहा और ऐसा न करने पर उसने उसे जान से मारने की धमकी दी थी।
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आरोपी सब-इंस्पेक्टर पर कई धाराओं में केस दर्ज
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में मुंबई के पंत नगर पुलिस स्टेशन में शुरू में एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 376 (2) (एन), 354 (ए), 354 (डी) (पीछा करना), 506 (2) (आपराधिक धमकी) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत 'जीरो' एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में आगे की जांच के लिए सानपाड़ा पुलिस को सौंप दिया गया, जिसने शनिवार को मामला दर्ज किया। बता दें कि जीरो एफआईआर किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज की जा सकती है, चाहे घटनास्थल या अधिकार क्षेत्र कुछ भी हो, और बाद में इसे उचित पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित किया जा सकता है।
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