फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   care full! by E-shopping you can be a victim of swindle

सावधान! नोटबंदी के बाद तेजी से शुरू हुई कैशलेस शॉपिंग कर सकती है खाता खाली

Sat, 17 Dec 2016 02:49 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/ अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 17 Dec 2016 02:49 AM IST
विज्ञापन
care full! by E-shopping you can be a victim of swindle
फाइल फोटो

नोटबंदी के बाद जहां कैशलेस शॉपिंग का चलन तेजी से बढ़ा है तो साइबर क्रिमिनल भी सक्रिय हो गए हैं। साइबर सेल में जहां रोजाना ठगी की शिकायतें पहुंच रही हैं, तो तीन मामले दर्ज ऐसे भी दर्ज हुए हैं, जिनमें यही पता नहीं चल पा रहा है कि शॉपिंग कहां से की गई।

विज्ञापन


लेकिन खाते से पैसे निकल गए। सबसे बड़ी समस्या बैंकों से स्वैप मशीनों का तुरंत डाटा न मिलने की आ रही है। किसी शिकायत पर जब तक सेल एक्टिव होता है, खाते से कैश का ट्रांजैक्शन हो चुका होता है। पुलिस अफसरों ने बैंकों को चिट्ठी लिखकर स्वैप मशीनों का डाटा अपडेट करने को कहा है। जिससे ऐसी घटनाएं होने पर पता चल सके कि किस जगह से पैसे उड़ाए गए हैं।
विज्ञापन


इन लोगों से हुई ठगी
शास्त्रीनगर निवासी डॉ. अवधेश कुमार, सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र धीरेंद्र द्विवेदी व विपुल कुमार निवासी मंगल पांडे नगर ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। बताया कि उन्होंने खरीददारी के बाद कई दुकानों पर स्वैप मशीन से पेमेंट किया था। उनको नहीं पता कि उनके डेबिट कार्ड का कहां गलत प्रयोग हुआ या किस दुकान की स्वैप मशीन से उनके खाते से पैसा निकला है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है साइबर सेल की प्रक्रिया
ऑनलाइन ठगी की शिकायत पर साइबर सेल पीड़ित का खाता नंबर लेकर संबंधित बैंक से संपर्क करता है।  संबंधित बैंक सेल को प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) नंबर देता हैं कि किस खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ। उसके बाद सेल इस कैश ट्रांजैक्शन की प्रक्रिया निरस्त कराने की कार्रवाई शुरू कर देता है। खास बात यह है कि यह प्रक्रिया 24 घंटे के अंदर पूरी करनी होती है। इस साल साइबर सेल कई मामलों में करीब 12 लाख रुपये इसी तरह खातों से वापस मंगा चुका है।

अब यह आ रही दिक्कत
साइबर सेल के प्रभारी कर्मवीर सिंह के अनुसार किसी शिकायत पर जब हम बैंक से संपर्क करते थे तो बैंक बता देता था कि किस मर्चेंट (दुकान/प्वाइंट ऑफ सेल) से शॉपिंग हुई है। अब नयी समस्या यह सामने आ रही है कि उनके खाते से मर्चेंट ही नहीं मिल पा रहा।

केवल पीओएस लिखकर एटीएम कार्ड और 8-9 डिजिट का नंबर लिखा आता है। इससे यह भी पता नहीं चल पाता कि पैसे किसके माध्यम से कहां गए। यानी कार्ड के माध्यम से शॉपिंग कहां हुई, यह जानकारी नहीं मिलती।

इससे कैश ट्रांजैक्शन नहीं रुक पाती। हम बैंक से संपर्क करते हैं तो बैंक भी तुरंत नहीं बता पाता कि संबंधित स्वैप मशीन कहां लगी है। यानी कार्ड कहां स्वैप किया गया है। जिससे ट्रांजैक्शन ब्रेक नहीं हो पा रही है।

कार्ड का क्लोन बनाकर भी ठगी

care full! by E-shopping you can be a victim of swindle

कर्मवीर सिंह के अनुसार ऐसी ठगी या तो कार्ड चोरी कर या क्लोन बनाकर की जा रही हैं। क्लोन तो तभी बन रहे हैं कि जब कोई व्यक्ति अपने कार्ड से कहीं शापिंग कर रहा है। इस्तेमाल के दौरान या तो वह कार्ड ही स्कैन हो जाता है और फिर उस कार्ड का क्लोन बना लिया जाता है।

फिर उस कार्ड से शापिंग हो रही है। लेकिन बैंक हमें वह मर्चेंट नहीं दे पा रहा है, जहां वह कार्ड स्वैप हो रहा है। बैंक यह बताने में दो से तीन दिन का समय लेता है। लेकिन तब तक कैश ट्रांजैक्शन हो चुका होता है। 

बैंक से लेंगे पूरी जानकारी
ऐसा भी हो सकता है कि कहीं किसी मर्चेंट ने 4-5 स्वैप मशीन लगा रखी हैं और इनमें से किसी स्वैप मशीन का बैंक के पास पूरा रिकॉर्ड नहीं है कि उस मशीन से कहां कार्ड स्वैप हुआ। करमवीर सिंह के अनुसार हम बैंकों से पूछ रहे हैं कि स्वैप मशीन को जारी करने से पहले क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है और क्या-क्या कागज लिए जाते हैं। यहां यह बात भी है कि स्वैप मशीन तो सही होती हैं। लेकिन उसका यूजर फ्रॉड होता है।

यह बरतें सावधानी
- केवल विश्वसनीय दुकान/शोरूम से ही ई शॉपिंग करें
- कार्ड स्वैपिंग के दौरान ध्यान रखें कि कोई आपका पिन नंबर न देख रहा हो
- जिस जगह आपका कार्ड स्वैप हो रहा है, वहां कोई कैमरा तो नहीं लगा हुआ है
- अपना डेबिट/क्रेडिट कार्ड किसी को भी न दें, न ही पिन नंबर बताएं

यहां दें सूचना
यदि आपके साथ इस तरह की ठगी हो जाती है तो इसकी शिकायत/सूचना तुरंत साइबर सेल के नंबर 01212668090 या सीयूजी नंबर 7839855538 पर दें।

ऑनलाइन ठगी की कई शिकायतें मिली है। नयी समस्या यह सामने आ रही है कि बैंक से यह तुरंत पता नहीं चल पाता कि कार्ड किस जगह से स्वैप हुआ है। इसके लिए साइबर सेल बैंकों से संपर्क कर रहा है।- जे. रविंदर गौड़, एसएसपी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed