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भगवंत मान का आरोप: 1965 और 71 की जंग के शहीदों के परिवार को अब तक मदद नहीं दिला सके पंजाब के सीएम
Sun, 04 Apr 2021 09:53 PM IST
सुरेंद्र जोशी
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 04 Apr 2021 09:53 PM IST
सार
- एक एनजीओ को सैनिक कल्याण बोर्ड से बाहर निकलवाने पर भड़के आप नेता
- एनजीओ ने बताई थी अमरिंदर को पत्र लिखकर समस्या तो बंद किए द्वार
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bhagwant mann
- फोटो : amar ujala
विस्तार
आम आदमी पार्टी नेता भगवंत सिंह मान ने रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा। मान ने आरोप लगाया कि अमरिंदर सिंह खुद को एक सैनिक कहते हैं, लेकिन उनके काम एक सैनिक जैसे नहीं हैं। अमरिंदर सिंह ने एक ऐसे एनजीओ को सैनिक कल्याण बोर्ड के परिसर से बाहर निकाल दिया है, जो शहीद सैनिकों के परिवारों की मदद करता था।
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सालों तक चक्कर लगाते हैं परिवार
आप नेता ने कहा कि पंजाब का बेटा रोज देश की सीमा की सुरक्षा करते हुए शहीद होता है। रोज पंजाब के किसी न किसी हल्के में शहीद का शव तिरंगे में लिपटकर गांव आता है। सरकार शहीदों के परिवार को पैसा, जमीन और सरकारी नौकरी देने का वादा करती है। लेकिन इसके लिए सालों साल तक उनके परिवारों को कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, फिर भी उन्हें सारा लाभ नहीं मिलता।
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सरकार ने सालों पहले घोषणा करने के बाद भी अभी तक 1965 और 1971 की जंग में शहीद हुए परिवारों को जमीन नहीं दी है। देश के लिए शहीद हुए उन वीर जवानों का परिवार सालों से सैनिक कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहा है।
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एनजीओ को निकालने पर दुख
मोहाली के सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक द्वारा सैनिकों के परिवारों की मदद करने वाले एनजीओ को दफ्तर से निकाले जाने पर दुख जताते हुए कहा कि उस एनजीओ का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपनी समस्याओं को बताने के लिए चिट्ठी लिखी, लेकिन कैप्टन ने उनकी चिट्ठी पर कार्रवाई करने की बजाए उस विभाग के डायरेक्टर को निर्देश देकर एनजीओ को दफ्तर परिसर में घुसने पर रोक लगा दी।