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क्या भारत पाकिस्तान पर भरोसा कर सकता है?
आबाद अली, फर्रुखाबाद
Updated Sun, 03 Jun 2018 02:27 PM IST
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भारत-पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लंबे समय बाद एक बार फिर गोलीबारी रुकने के आसार बनने लगे हैं। दोनों देशों के बीच डीजीएमओ स्तर की बैठक के बाद 2003 के युद्धविराम को फिर से लागू करने पर सहमति बनती दिख रही है।
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मगर सवाल अब भी वही है कि क्या भारत, पाकिस्तान पर भरोसा कर सकता है? यह सवाल इसलिए है कि जब-जब भारत की ओर से युद्धविराम किया गया, तब-तब पाकिस्तान ने उसका उल्लंघन किया और पाकिस्तान की गोलाबारी से सीमा क्षेत्र से लगे गांवों में रहने वाले सैकड़ों भारतीय प्रभावित हुए। हाल ही में जम्मू के कई गांवों में पाकिस्तान ने कई मोर्टार और गोले दागे, जिनसे गांव के गांव तबाह हो गए।
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पाकिस्तान जानबूझकर भारतीय गांवों को निशाना बनाता है, जिससे लोगों में दहशत फैले और वे इलाका खाली कर दें। भारत ने हर बार पाकिस्तान की इस हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया है। एक बार तो हालात यहां तक पहुंच गए कि सांभा सेक्टर में बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई से डरे पाकिस्तान ने गोलीबारी बंद कर दी, लेकिन कुछ ही समय बाद उसने अपना रंग फिर से दिखाना शुरू कर दिया।
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युद्धविराम की अपील भी पाकिस्तान की रणनीति का ही हिस्सा हो सकती है, जिसे जम्मू-कश्मीर के हालात से जोड़कर देखा जाना चाहिए। क्योंकि पाकिस्तान का इतिहास कभी ऐसा नहीं रहा कि उस पर भरोसा कर सकें। खुराफाती पाकिस्तान के स्वभाव में है। उस पर भरोसा करने से पहले हमें बहुत सोचना चाहिए।