Bypoll Results: यूपी, हरियाणा और तेलंगाना ने भाजपा को दी राहत, बिहार में दमदार टक्कर
भाजपा के लिए परेशानी की बात यह है कि मोकामा सीट पर जहां जदयू के कोर वोट राजद में स्थानांतरित हुए, वहीं गोपालगंज में भाजपा को दो हजार से भी कम वोट से जीत हासिल हुई।
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छह राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भाजपा को राहत दी है। तेलंगाना में सत्तारूढ़ दल टीआरएस को कड़ी टक्कर देने के साथ कांग्रेस को तीसरे स्थान पर धकेलने में भी पार्टी राहत ढूंढ सकती है। हालांकि बिहार में मुकाबला बराबरी पर छूटने के बावजूद नतीजे ने भाजपा की कुछ चिंता बढ़ाई है। बिहार में राजद और भाजपा ने अपनी अपनी सीटें बरकरार रखीं। राजद को मोकामा सीट पर तो भाजपा को गोपालगंज सीट पर जीत हासिल हुई। भाजपा के लिए परेशानी की बात यह है कि मोकामा सीट पर जहां जदयू के कोर वोट राजद में स्थानांतरित हुए, वहीं गोपालगंज में भाजपा को दो हजार से भी कम वोट से जीत हासिल हुई। वह भी तब जब पार्टी ने दिवंगत विधायक सुभाष सिंह यादव की पत्नी कुसुम देवी को उम्मीदवार बनाया था।
गोपालगंज सीट पर भाजपा की मामूली जीत एआईएमआईएम अब्दुल सलाम और बसपा उम्मीदवार इंदिरा यादव के कारण मिली। इन दो उम्मीदवारों ने राजद के मुस्लिम-यादव समीकरण में जबर्दस्त सेंध लगाया। सलाम को 12000 से अधिक तो यादव को 8000 से अधिक वोट मिले। हालांकि मुस्लिम-यादव समीकरण में बिखराव के बावजूद भाजपा उम्मीदवार राजद उम्मीदवार पर दो हजार से कम वोट का बढ़त बना पाई। खासबात यह है कि इस सीट पर दिवंगत बाहुबलि शहाबुद्दीन की बगावत की परवाह न करते हुए राजद ने वैश्य समुदाय के मोहन गुप्ता को उम्मीदवार बनाया था।
टीआरएस के साथ कांग्रेस को भी संदेश
तेलंगाना भाजपा के विस्तार वाले राज्यों में से एक है। पार्टी मुनूगोड़े सीट जीत कर सत्तारूढ़ टीआरएस के साथ कांग्रेस को भी बड़ा संदेश देना चाहती थी। हालांकि पार्टी यहां बेहद नजदीकी मुकाबले में हार गई। हार के बावजूद पार्टी यह संदेश देने में सफल रही कि अब वही राज्य में मुख्य विपक्षी ताकत है। वह इसलिए कि कांग्रेस अपनी इस सीट पर तीसरे स्थान पर रही है।
लोकतंत्र और युवाओं की जीत
द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा की धामनगर में भाजपा की जीत राज्य में बदलाव का संकेत है। यह लोकतंत्र, युवा और महिलाओं की जीत है।
आप के दावे पर सवाल
आम आदमी पार्टी ने जिस एजेंसी के ओपीनियन पोल के आधार पर गुजरात में आप की बढ़त का दावा किया, उसी ने हरियाणा की आदमपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में आप के जीत की 68 फीसदी और भाजपा के जीत की 15 प्रतिशत संभावना जताई थी। आदमपुर के चुनाव नतीजों में यह अनुमान उलटा साबित हुआ है। न सिर्फ भाजपा ने यह उपचुनाव बड़े अंतर से जीता बल्कि आप प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई। आप मुखिया व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एजेंसी के गुजरात संबंधी अनुमानों को टि्वटर पर साझा भी किया था। अब भाजपा आप के गुजरात संबंधी दावे और एजेंसी के सर्वे पर सवाल उठा रही है।