2023 तक मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, ऐसे होगा रेलवे का विकास
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खास बातें
- 15 हजार वैगन का निर्माण किया जाएगा।
- 7690 यात्री कोच का निर्माण किया जाएगा।
- 725 इलेक्ट्रिक इंजन का निर्माण होगा।
- 7000 किलोमीटर रेल रूट को इलेक्ट्रिक किया जाएगा।
- 2650 किलोमीटर रेल लाइन को दोहरीकरण किया जाएगा।
- 500 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा।
- 600 किलोमीटर रेल लाइन को नैरो गेज से ब्राड गेज में बदला जाएगा।
- रेवाड़ी-पालनपुर फ्रेट कॉरिडोर रेल सेक्शन में ट्रैक निर्माण का काम 2019-20 तक पूरा किया जाएगा।
- खुर्जा-भावपुर फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण 2021 तक पूरा किया जाएगा।
- पालनपुर-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर 2021 तक पूरा किया जाएगा।
- मादर-पालनपुर फ्रेट रेल सेक्शन 31 मार्च 2020 तक पूरा किया जाएगा। .
- मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरीडोर पर बुलेट ट्रेन 2023 तक चलेगी।
- 2568 क्रासिंग को मानवरहित किया जाएगा।
- बचे हुए 4882 स्टेशनों को वाई-फाई से लैस करने का काम पूरा किया जाएगा।
- 2020-21 तक स्टेशन, ट्रेन सीसीटीवी सर्विलांस से जुड़ जाएंगे।
- स्किल डेवलॉपमेंट के लिए सभी 13 लाख रेल कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- रेलवे का अनुमानित आय 2,16,935 करोड़ रुपया।
- रेलवे का अनुमानित व्यय 2,07,900 करोड़ रुपया।
- वित्तीय वर्ष 2018-19 में भारतीय रेलवे के यात्रियों की संख्या में 2.09 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी।
यात्रियों के लिए भी बड़ी राहत
यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत ये है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रेल बजट पेश करते हुए यात्री किराए में किसी तरह की बढ़ोत्तरी की घोषणा नहीं की है। यात्री सुविधा में सुधार के लिए केन्द्रीय बजट में सार्वजनिक निजी भागीदारी का प्रस्ताव किया है। उपनगरीय रेलवे में निवेश के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल का प्रस्ताव भी किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि अनुमान है कि 2018-2030 के बीच रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होगी। इसे देखते हुए रेलवे का पूंजी व्यय प्रति वर्ष 1.5 से 1.6 लाख करोड़ रुपये है। सभी मंजूर परियोजनाएं पूरी करने में कई दशक लग जाएंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल की उपनगरीय व लंबी दूरी वाली सेवाएं मुंबई जैसे महानगरों और छोटे शहरों में बेहतर काम कर रहा है। रेलवे को दिल्ली-मेरठ मार्ग पर प्रस्तावित रैपिड रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी विशेष योजन को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।
प्रदूषण मुक्त अभियान के तहत ग्रीन एनर्जी पर फोकस
रेलवे प्रदूषण मुक्त अभियान के तहत ग्रीन एनर्जी पर फोकस करेगा। इसके तहत पुराने डीजल इंजनों का आधुनिकीकरण कर उन्हें इलेक्ट्रिक इंजन बनाने के साथ सिर्फ इलेक्ट्रिक इंजन का ही निर्माण करेगा। सुरक्षा को ध्यान में रख ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम व यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम तकनीक के सहारे सिग्निलिंग सिस्टम ठीक किया जाएगा। रेलवे स्टेशन मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की तरह तैयार किया जाएगा। लोगों को रेलवे स्टेशन से ही सभी तरह के परिवहन साधन उपलब्ध होंगे।