मिल्खा सिंह बन गया हूं, जो सामने आया मार दूंगा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसएसपी बुलंदशहर समेत पुलिस अधिकारी एक गाड़ी को बीच में लेकर आरोपी सिपाही से बातचीत करते रहे। आरोपी सिपाही सौरभ ने इसी दौरान अपनी पत्नी और पिता से भी फोन पर बात की। अधिकारी लगातार उसको सरेंडर करने को कहते रहे। लेकिन वह बार-बार कहता रहा कि वह मिल्खा सिंह बन गया है, जो सामने आएगा उसको मार देगा।
करीब 20 मिनट तक चली बातचीत के बाद आरोपी सिपाही ने खुद को गोली मार ली। अफसर जब वहां पहुंचे तो वहां उसकी लाश पड़ी थी। उसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया।
बार-बार ट्रांसफर से परेशान था सौरभ
पुलिस सूत्रों की मानें तो सिपाही सौरभ बार-बार ट्रांसफर होने से परेशान था। सौरभ का दो साल में तीन बार ट्रांसफर हो चुका था। ट्रांसफर को लेकर उसने अपने साथी सिपाही से भी कई बार कहा था।
दो दिन पहले ही लौटा था
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सिपाही सौरभ दो दिन पहले ही पुलिस लाइन में आया था। वह छह माह आजमगढ़ पीएसी में ट्रेनिंग सेंटर में तैनात था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसे अगर छुट्टी चाहिए थी तो उन्हें बताना चाहिए था।
बुलंदशहर शूटआउट में घायल सिपाही मनवीर निवासी अलीगढ़ और चंद्रपाल निवासी अहमदशाहपुर पदड़ा बागपत मेरठ में आनंद हॉस्पिटल में भर्ती कराए गए। डॉक्टरों ने चंद्रपाल के पेट में दो और मनवीर को एक गोली लगना बताया गया। दोनों सिपाहियों की हालत नाजुक बनी है। देर रात एसएसपी जे. रविंदर गौड़ भी अस्पताल में सिपाहियों का हाल जानने पहुंचे।