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बजट 2020: कपड़ा कारोबारियों को झुनझुना लगा निर्मला सीतारमण का वस्त्र मिशन
Sat, 01 Feb 2020 09:43 PM IST
आसिम खान
डिजिटल ब्यूरो, मुंबई
डिजिटल ब्यूरो, मुंबई
Published by: आसिम खान
Updated Sat, 01 Feb 2020 09:43 PM IST
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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने घरेलू कपड़ा उद्योग को मजबूत करने और आयात घटाने के मकसद से बजट में राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन का प्रस्ताव किया है। इसके लिए चार साल में 1,480 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया गया है। कपड़ा कारोबारी इसे उम्मीद से काफी कम मानते हुए महज झुनझुना करार दे रहे हैं।
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बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारत मर्चन्ट्स के अध्यक्ष विजय कुमार लोहिया कहते हैं कि केंद्रीय बजट ने कपड़ा उद्योग को निराश किया है। टेक्सटाईल मिशन के तहत उम्मीद से काफी कम राशि दी गई है। पहले से ही टीयूएफएफ (टफ) लागू की गई रकम नही मिल रही है।
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बैंकों की स्थिति को देखते हुए जमा राशि का बीमा एक लाख से बढ़ाकर 5 लाख करना स्वागत योग्य है। लेकिन, आयकर की वर्तमान दरों में कोई परिवर्तन न कर एक नए स्लैब को लाया गया है जिसमें किसी भी तरह की छूट का लाभ करदाता को नहीं मिलेगा। कपड़ा कारोबारी राजीव सिंगल कहते हैं कि टैक्स स्लैब को चेक करें तो बचत को हतोत्साहित किया गया है।
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टेक्सटाईल उद्योग को बजट से बहुत उम्मीद थी पर उन्हे निराशा ही हाथ लगी। कपड़ा उद्योग कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार प्रदान करता है। कृषि को 2.83 लाख करोड रुपये आंवंटित किये गये हैं, पर कपड़ा उद्योग की अनदेखी की गई है।