फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Budaun: 740 village without electricity

यूपी के इस जिले में आज भी 740 गांव की रातें लालटेन और ढिबरी के सहारे

Sun, 26 Feb 2017 07:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बदायूं
अमर उजाला ब्यूरो/ बदायूं Updated Sun, 26 Feb 2017 07:13 AM IST
विज्ञापन
Budaun: 740 village without electricity
सांकेतिक चित्र

पीएम नरेंद्र मोदी ने भले ही दावा किया हो कि जिले के सैकड़ों गांवों को उन्होंने बिजली मुहैया करा दी, दो-चार बचे हुए गांव भी जल्द रोशन कर देंगे लेकिन विद्युत विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 740 गांव ऐसे हैं, जहां रातें ढिबरी और लालटेन के सहारे कटती हैं। इनमें से कुछ गांवों में खंभे तो लगे हैं पर इनमें बिजली कब आएगी कुछ कहा नहीं जा सकता।

विज्ञापन


11 फरवरी को बदायूं में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब जिले के लगभग पांच सौ गांवों में विद्युतीकरण का मुद्दा उठाकर प्रदेश की सपा सरकार पर निशाना साधा तो समाजवादी पार्टी में खलबली मच गई। प्रधानमंत्री के जवाब में सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा था कि गांवों में विद्युतीकरण हुआ है लेकिन उसके लिए बजट की मंजूरी यूपीए शासनकाल में उन्होंने पैरवी करके कराई थी लेकिन दोनों माननीयों के दावे हकीकत से दूर हैं। लाखों लोग अभी भी बिना बिजली के जीवन गुजारने को अभिशप्त हैं। 

विज्ञापन

1640 गांव ऐसे चिह्नित किए गए, जहां आजादी के 70 साल बाद भी बिजली नहीं पहुंची थी

Budaun: 740 village without electricity
गौर करने वाली बात यह है कि जिले की 1038 ग्राम पंचायतों में करीब 5190 राजस्व गांव हैं। इनमें दो साल पहले 1640 गांव ऐसे चिह्नित किए गए, जहां आजादी के 70 साल बाद भी बिजली नहीं पहुंची थी। केंद्र सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत सभी गांवों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा लेकिन काम वक्त पर शुरू न होने की वजह इनमें 900 गांवों तक ही बिजली पहुंचाई जा सकी है। ऐसे में अब भी जिले में 740 गांव ऐसे हैं, जो बिजली की रोशनी के लिए तरस रहे हैं।

कटरी में है ज्यादा अंधेरा
बदायूं जिले के जिन गांवों में अब तक बिजली नहीं पहुंच सकी है उनमें सबसे ज्यादा गांव कटरी इलाकों के हैं। सहसवान, दातागंज, कादरचौक, उझानी, जरीफनगर और मुजरिया ऐसे कस्बे हैं जहां गैर विद्युतीकरण वाले गांवों की संख्या सबसे कम है। ग्रामीण विद्युतीकरण का जिम्मा पेश पॉवर नाम की कंपनी को दिया गया है। काम देर से शुरू होने का खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि कादरचौक ब्लॉक की ग्राम पंचायत ककोड़ा के 12 मजरों में अब भी 10 मजरे ऐसे हैं जो बिजली की रोशनी को तरस रहे हैं।

जिले में कुल 1640 गांव ऐसे थे जहां विद्युतीकरण नहीं था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत जिले के करीब 900 गांवों में विद्युतीकरण हो चुका है। बाकी में काम चल रहा है। उनमें जल्द बिजली पहुंचा दी जाएगी। -अतुल कुमार अग्रवाल, एक्सईएन प्रथम खंड/नोडल अधिकारी ग्रामीण विद्युतीकरण
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed