‘ब्लू फिल्म देखकर पार करते थे हैवानियत की हद’
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मेरे इकलौते बेटे को कई बार ड्रग्स का इंजेक्शन दिया गया। आरोपियों ने ब्लू फिल्म देखकर बेटे सामूहिक कुकर्म किया। मेरे बेटे को हॉस्टल से बाहर नहीं जाने दिया गया। उसका मल्टीमीडिया मोबाइल तोड़ दिया गया।
यह दर्द रक्षा मंत्रालय में तैनात रैगिंग और कुकर्म का शिकार बीटेक छात्र के पिता का है। जो वारदात की जानकारी देने के दौरान फफक पड़े। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने जानकारी दी है कि आरोपी हॉस्टल में लैपटॉप और मोबाइल में ब्लू फिल्म देखते थे।
फिल्म देखने के लिए वह हॉस्टल के वाई-फाई पासवर्ड का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद पीड़ित के कमरे में घुसकर जबरन ड्रग्स के इंजेक्शन देकर सामूहिक कुकर्म करते और उसे अमानवीय यातनाएं देते थे। पिता ने बेटे की प्राइवेट पार्ट से कपड़ा निकलने की भी बात कही है।
रूम मेट छात्र खोलेगा राज
पुलिस पीड़ित छात्र के रूम मेट से पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि इस रूम मेट के पास मामले की पूरी जानकारी होगी। पुलिस ने हॉस्टल पहुंचकर संचालक समेत अन्य से भी पूछताछ की है। वहीं हॉस्टल स्टाफ ने आरोपों को निराधार बताया। हॉस्टल कर्मचारियों के मुताबिक छात्र किसी मानसिक समस्या से पीड़ित है और उसका उपचार भी चल रहा है।
इनके खिलाफ दर्ज की रिपोर्ट
पुलिस नेे एमटेक छात्र ब्रज, बीटेक छात्र स्वर्णिम, राघव और करतन समेत हॉस्टल कर्मचारी कर्नल त्रिपाठी और मिस्टर मल्होत्रा के खिलाफ आईपीसी की धारा 323,328 और 377 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की है।
नामजदों में एक सीनियर
ब्लू फिल्म देखनेे आदि के कई संगीन आरोप लगे हैं। सभी आरोपों की जांच की जा रही है। नामजदों में केवल एक सीनियर छात्र है। पीड़ित छात्र का कई स्तर पर मेडिकल कराया गया है, सभी की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।- अश्विनी कुमार, नॉलेज पार्क थाना प्रभारी।