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राहुल बोले, मध्यप्रदेश में बसपा के अलग लड़ने से कांग्रेस पर असर नहीं, 2019 में आएंगे साथ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 05 Oct 2018 08:31 PM IST
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राहुल गांधी
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मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर गहमागहमी का दौर जारी है। मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है और दोनों तरफ से जीत के दावे हो रहे हैं। नए गठबंधन बन और बिगड़ रहे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करने के बसपा प्रमुख मायावती के फैसले का कांग्रेस की संभावनाओं पर असर नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा साथ आ सकती है।
मायावती के ऐलान से मुश्किल में कांग्रेस
मायावती ने कुछ दिनों पहले ही ऐलान किया था कि वह मध्यप्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेंगी। उनके फैसले को भाजपा के खिलाफ विपक्ष के महागठबंधन बनाने के प्रयासों के लिये बड़ा झटका माना जा रहा है। एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मध्य प्रदेश में बसपा के गठबंधन नहीं करने से हमारे ऊपर कोई
विपरीत असर हो रहा है।
राहुल को उम्मीद, चारों राज्यों में जीतेगी कांग्रेस
बहरहाल, राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर गठबंधन होता तो बेहतर होता। उन्होंने उम्मीद जताई कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस जीत हासिल करेगी। लोकसभा चुनाव में साथ आने का भरोसा गठबंधन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राज्य में गठबंधन और केंद्र के स्तर पर गठबंधन में बहुत अंतर होता है। मायावती जी ने इसका संकेत दिया है।
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राज्य में हमारा रुख लचीला था। असल में प्रदेश के कुछ नेताओं की तुलना में मेरा रुख ज्यादा लचीला था। हम बातचीत कर रहे थे, लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया था। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि मेरा मानना है कि राष्ट्रीय चुनाव में विपक्षी पार्टियां साथ आएंगी और खासकर उत्तर प्रदेश में साथ आएंगी।
बता दें कि मायावती ने कहा था कि राहुल गांधी और यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी गठबंधन के पक्ष में थे, लेकिन कांग्रेस के कुछ ‘वरिष्ठ नेताओं’ ने तालमेल की संभावनाओं को विफल करने का काम किया। उन्होंने इसके लिए खास तौर पर दिग्विजय सिंह को जिम्मेदार ठहराया था।
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मायावती के ऐलान से मुश्किल में कांग्रेस
मायावती ने कुछ दिनों पहले ही ऐलान किया था कि वह मध्यप्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेंगी। उनके फैसले को भाजपा के खिलाफ विपक्ष के महागठबंधन बनाने के प्रयासों के लिये बड़ा झटका माना जा रहा है। एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मध्य प्रदेश में बसपा के गठबंधन नहीं करने से हमारे ऊपर कोई
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विपरीत असर हो रहा है।
राहुल को उम्मीद, चारों राज्यों में जीतेगी कांग्रेस
बहरहाल, राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर गठबंधन होता तो बेहतर होता। उन्होंने उम्मीद जताई कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस जीत हासिल करेगी। लोकसभा चुनाव में साथ आने का भरोसा गठबंधन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राज्य में गठबंधन और केंद्र के स्तर पर गठबंधन में बहुत अंतर होता है। मायावती जी ने इसका संकेत दिया है।
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राज्य में हमारा रुख लचीला था। असल में प्रदेश के कुछ नेताओं की तुलना में मेरा रुख ज्यादा लचीला था। हम बातचीत कर रहे थे, लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया था। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि मेरा मानना है कि राष्ट्रीय चुनाव में विपक्षी पार्टियां साथ आएंगी और खासकर उत्तर प्रदेश में साथ आएंगी।
बता दें कि मायावती ने कहा था कि राहुल गांधी और यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी गठबंधन के पक्ष में थे, लेकिन कांग्रेस के कुछ ‘वरिष्ठ नेताओं’ ने तालमेल की संभावनाओं को विफल करने का काम किया। उन्होंने इसके लिए खास तौर पर दिग्विजय सिंह को जिम्मेदार ठहराया था।