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कर्नाटक के अलग झंडे पर सियासी बवाल, भाजपा ने की राष्ट्रपति शासन की मांग

Fri, 09 Mar 2018 05:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 09 Mar 2018 05:47 PM IST
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BS Yeddyurappa said karnataka cm siddaramaiah should resign immediately over flag controversy
कर्नाटक सरकार ने अपने अलग झंडे को गुरुवार को मंजूरी दे दी। सिद्धारमैया सरकार ने झंडे के डिजाइन को कैबिनेट से पास करवाकर केंद्र के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धारमैया के इस दांव से सियासत गर्मा गई है। 
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कर्नाटक में भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि 'मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा सौंप देना चाहिए। मैं इस संबंध में गवर्नर से मुलाकात कर राष्ट्रपति शासन लागू करने के लिए कहूंगा। आखिर वह कैसे अपनी सरकार के चार साल पूरे होने के बाद अलग झंडा लेकर आए। अगर उन्हें ऐसा करना ही था तो पहले करना चाहिए था।'
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बता दें कि  लाल, सफेद और पीले रंग वाले इस आयताकार झंडे को ‘नाद झंडे’ नाम दिया गया है। झंडे के बीचों-बीच राज्य का प्रतीक दो सिरों वाला पौराणिक पक्षी ‘गंधा भेरुण्डा’ भी है। इसी के साथ राज्य में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सिद्धारमैया ने कन्नड अस्मिता का बड़ा दांव खेल दिया है। हालांकि केंद्र द्वारा मंजूरी मिलने के बाद ही आधिकारिक रूप से यह कर्नाटक का राजकीय झंडा कहलाएगा।

कन्नड समर्थक संगठनों, कार्यकर्ताओं और साहित्यिक जगत के लोगों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता के बाद सिद्धारमैया ने ध्वज का अनावरण किया, जहां उन्होंने सर्वसम्मति से झंडे के डिजाइन को मंजूरी दी। पिछले साल राज्य सरकार द्वारा गठित एक समिति ने कर्नाटक के लिए अलग ध्वज की सिफारिश की थी, इसके लिए संवैधानिक या कानूनी बाधाओं में छूट दी गई थी।

इस अवसर पर सिद्धारमैया ने कहा था कि, ‘कन्नड बोलने वाले लोगों के गौरव के प्रतीक के रूप में राज्य के लिए एक झंडे का फैसला लिया गया है। यह कन्नड लोगों की आवाज होगा। यह कन्नड गर्व का चिन्ह है और एक ऐतिहासिक फैसला भी। हम इसे जल्द ही केंद्र की मंजूरी के लिए भेजेंगे।’


वहीं यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र इसे मंजूरी देगा, उन्होंने कहा कि संविधान में यह नहीं कहा गया है कि राज्य का अपना झंडा नहीं हो सकता। इसलिए हमें विश्वास है कि केंद्र इसे मंजूरी दे देगा।
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