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सीमा विवाद: असम-मेघालय की बैठक में विवादित क्षेत्रों पर चर्चा, अगले माह संघर्ष वाले इलाके का होगा संयुक्त दौरा

Sat, 22 Jul 2023 06:14 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 22 Jul 2023 06:14 PM IST
सार

Border Row: अंतरराज्यीय सीमा पर तीन विवादित इलाकों पर चर्चा करने के लिए शनिवार को यहां असम और मेघालय की क्षेत्रीय समितियों ने बैठक की। बैठक में दोनों पक्षों के मंत्री, विधायक और शीर्ष अधिकारी मौजूद थे।
 

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Border row: Assam, Meghalaya meet discusses three disputed sectors
असम-मेघालय सीमा विवाद पर बैठक। - फोटो : ट्विटर/अतुल बोरा

विस्तार

अंतरराज्यीय सीमा पर तीन विवादित इलाकों पर चर्चा करने के लिए शनिवार को यहां असम और मेघालय की क्षेत्रीय समितियों ने बैठक की। समिति की अध्यक्षता कर रहे दोनों राज्यों के मंत्रियों ने यह जानकारी दी। मंत्रियों ने कहा कि वे अगले महीने इसी स्थान पर मिलेंगे और संघर्ष वाले क्षेत्रों में से एक का संयुक्त दौरा करेंगे।

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असम के सीमा सुरक्षा एवं विकास मंत्री अतुल बोरा ने कहा, 'हमने आज तीन विवादित क्षेत्रों पर चर्चा की। हमने सुना कि मेघालय सरकार का क्या कहना है।' दोनों पक्षों के मंत्री, विधायक और शीर्ष अधिकारी बैठक में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों, विशेष रूप से जिला आयुक्तों को जमीनी हकीकत की पुष्टि करने और अगली बैठक में अपनी अपडेटेड रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है, जो 25 अगस्त के लिए निर्धारित की गई है। बोरा ने कहा, 26 अगस्त को समितियां संयुक्त निरीक्षण के लिए पश्चिम दिमोरिया (असम के कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में) का दौरा करेंगी।

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मेघालय के उप मुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग ने कहा कि संयुक्त निरीक्षण के बाद समाधान के लिए चरणबद्ध तरीके से और क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। मेघालय, असम से अलग होकर 1972 में अलग राज्य बना था, उसके बाद से दोनों पड़ोसी राज्य सीमा विवाद में उलझे हुए हैं। इसमें असम पुनर्गठन अधिनियम 1971 को चुनौती दी थी, जिसके कारण 884.9 किलोमीटर लंबी सीमा पर 12 क्षेत्रों में विवाद पैदा हो गया था। 

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मई 2021 में पदभार संभालने पर घोषणा की थी कि उनकी प्राथमिकता पड़ोसी राज्यों के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवादों को हल करना है। इसके बाद, चरणबद्ध तरीके से मुद्दों को हल करने के लिए क्षेत्रीय समितियों का गठन किया गया, जिसमें शुरू में मतभेदों के छह क्षेत्रों को शामिल किया गया।
 

क्षेत्रीय समितियों ने अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कीं, जिन्हें नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को सौंप दिया गया, जिसके बाद 12 क्षेत्रों में से छह में विवादों को हल करने के लिए 29 मार्च, 2022 को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के अनुसार, पहले चरण में विवादित क्षेत्र के 36.79 वर्ग किलोमीटर हिस्से को निपटाया गया था, जिसमें असम को 18.51 वर्ग किलोमीटर और मेघालय को 18.28 वर्ग किलोमीटर पर पूर्ण नियंत्रण मिला था।

दोनों राज्यों ने अब शेष छह क्षेत्रों में चर्चा शुरू की है। सरमा ने इससे पहले 24 मई को मेघालय के अपने समकक्ष कोनराड संगमा के साथ इस संबंध में एक बैठक की थी।

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