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Bombay High Court: दुष्कर्म मामले में डीएनए जांच निर्णायक सुबूत नहीं, लेकिन पीड़िता को भी झूठा नहीं मान सकते
Sun, 31 Jul 2022 06:06 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 31 Jul 2022 06:06 AM IST
सार
Bombay High Court: आरोपपत्र के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध नवी मुंबई के नेरुल पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपपत्र के अनुसार लड़की आरोपी के घर पर काम करती थी और उसने उसका गलत फायदा उठाया।
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बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
Bombay High Court: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि दुष्कर्म के मामले में डीएनए जांच को निर्णायक सुबूत नहीं माना जा सकता, बल्कि आरोपी के खिलाफ सुबूतों की पुष्टि के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मामले में आरोपी को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था।
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नवी मुंबई में किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति भारती डांगरे की पीठ ने 26 जुलाई को आदेश में कहा, भले ही डीएनए जांच से आरोपी बच्चे का पिता नहीं साबित होता, लेकिन पीड़िता को झूठा नहीं माना जा सकता। पीड़िता ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत दिए बयान में यौन हमले की घटनाओं का स्पष्ट विवरण दिया है।
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10 दिन तक लड़की के साथ दुष्कर्म किया
आरोपी ने कथित तौर पर 10 दिन तक लड़की के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के पेट में तेज दर्द होने के बाद अपराध सामने आया। उसके चिकित्सकीय परीक्षण में गर्भवती होने का पता चला। आरोपपत्र के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध नवी मुंबई के नेरुल पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपपत्र के अनुसार लड़की आरोपी के घर पर काम करती थी और उसने उसका गलत फायदा उठाया।
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अदालत ने कहा कि डीएनए जांच निगेटिव है लेकिन पीड़िता के बयान को झूठा नहीं माना जा सकता जिसने अपने ऊपर हुए यौन हमले के कृत्य का विवरण दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि दुष्कर्म के मामले में डीएनए जांच को निर्णायक साक्ष्य नहीं कहा जा सकता और उसका इस्तेमाल केवल संपुष्टिकरण साक्ष्य के तौर पर ही किया जा सकता है।
आरोपी गर्भ के लिए जिम्मेदार
अदालत ने कहा कि पीड़िता ने विशेष रूप से कहा है कि आरोपी ने उसे कुछ पैसों का लालच दिया और घटना के बारे में किसी को नहीं बताने की धमकी भी दी जिसकी वजह से वह चुप रही। जब लड़की गर्भवती हो गई तब उसने अपने माता पिता को बताया कि आरोपी इस गर्भ के लिए जिम्मेदार है और उसने दुष्कर्म कर उसे गर्भवती किया।