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मानहानि केस: वानखेड़े पर निजी हमले के आरोपों पर घिरे नवाब मलिक, कोर्ट ने कहा- ट्विटर पर दे सकते हो जवाब तो कोर्ट में भी दो

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 08 Nov 2021 02:24 PM IST

सार

वानखेड़े के वकील के अनुसार बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल मानहानि केस में यह बताया गया है कि मलिक ने पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर समीर वानखेड़े के परिवार के सदस्यों के नाम, चरित्र, प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाया है।
समीर वानखेड़े और नवाब मलिक
समीर वानखेड़े और नवाब मलिक - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

राकांपा नेता नवाब मलिक बीते एक महीने से समीर वानखेड़े पर लगातार सीधा हमला बोल रहे हैं। इस मामले में हाल ही में समीर के पिता ध्यानदेव वानखेड़े ने मलिक पर मानहानि का मुकदमा दायर कराया। सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवाब मलिक से जवाब मांग लिया है। कोर्ट ने राकांपा नेता को जवाब दायर करने के लिए कल तक का समय दिया है। इसके बाद 10 नवंबर को फिर केस की सुनवाई की जाएगी। 
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मामले की सुनवाई जस्टिस जामदार की वैकेशन बेंच ने की। उन्होंने मलिक को निर्देश देते हुए कहा, "अगर आप ट्विटर पर रिप्लाई कर सकते हैं, तो यहां भी जवाब दें।" हालांकि, कोर्ट ने मलिक के आगे किसी बयान पर रोक लगाने का आदेश जारी नहीं किया।


एससी-एसटी एक्ट में भी मलिक के खिलाफ शिकायत
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव के वानखेड़े ने ओशिवारा के अस्टिट कमिश्नर ऑफ पुलिस यानी सहायक पुलिस आयुक्त के पास महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कथित तौर पर अपने परिवार की जाति के बारे में झूठे आरोप लगाने के लिए शिकायत दर्ज कराई है। 

याचिका में नवाब मलिक पर क्या हैं आरोप?
वानखेड़े के वकील के अनुसार मानहानि केस में यह बताया गया है कि मलिक ने पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर समीर वानखेड़े के परिवार के सदस्यों के नाम, चरित्र, प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाया है। वानखेड़े के पिता ध्यानदेव की मांग है कि मलिक, उनकी पार्टी के नेताओं और अन्य सभी को उनके और उनके परिवार के खिलाफ मीडिया में कुछ भी आपत्तिजनक, मानहानिकारक सामग्री लिखने, बोलने या प्रकाशित करने पर रोक लगाई जाए।

ध्यानदेव ने हाईकोर्ट से अपील करते हुए कहा है कि मलिक के बयान और आरोप चाहे लिखित हो या मौखिक दोनों ने उनकी और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाया है। इस तरह से लगाए गए आरोप प्रकृति में अत्याचारी और मानहानिकारक हैं। इसके अलावा ध्यानदेव ने हाईकोर्ट से अपील करते हुए कहा कि नवाब मलिक के इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में दिए गए सभी बयान जल्द से जल्द हटाए जाएं।

इससे पहले भाजपा नेता मोहित कंबोज ने भी नवाब मलिक के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि का केस ठोका था। नवाब मलिक लगातार भाजपा नेता मोहित कंबोज और उनके परिवार पर भी गंभीर आरोप लगा रहे थे।

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