रामवृक्ष का सुरक्षा कमांडर वीरेश गिरफ्तार, पत्नी और बेटी से भी पूछताछ
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मथुरा पुलिस ने बुधवार को रामवृक्ष के सुरक्षा कमांडर वीरेश यादव को बालाजीपुरम कालोनी से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसने जवाहर बाग के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस ने वीरेश की पत्नी और बेटी से भी घंटों पूछताछ की।
बदायूं जनपद में उझानी थाने के गांव रमैया निवासी वीरेश यादव जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष यादव का सुरक्षा कमांडर था। वह पच्चीस नौजवानों की टीम के साथ मुस्तैद रहता था।
चंदन बोस और राकेश गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस वीरेश यादव की तलाश कर रही थी। उसकी गिरफ्तारी पर पंद्रह हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। बुधवार की सुबह पुलिस ने उसे मथुरा की कालोनी बालाजीपुरम से गिरफ्तार कर लिया।
हिंसा के दिन दीवार कूदकर भाग गया था
पुलिस लाइन में उसे मीडिया के समक्ष पेश किया गया। एसएसबी बबलू कुमार ने बताया कि वीरेश के अनुसार जिस दिन हिंसा हुई थी वह दीवार कूदकर भाग गया था। तभी से वह पुलिस से बचता फिर रहा है। हिंसा वाले दिन जवाहर बाग में करीब ढाई हजार लोग थे।
पुलिस पूछताछ में वीरेश ने कई खुलासे किए हैं। उसने बताया है कि जवाहर बाग में 12 चौकियां बनी थीं। जब प्रशासन ने बाग को खाली कराने की तैयारी शुरू की तब रामवृक्ष ने बाग में सुरक्षा के लिए लोगों की संख्या बढ़ा दी थी।
हर प्वाइंट पर लोग तैनात थे। उसने बताया कि कुछ दिन पहले ही बाग में 15 किलो सोना आया था। लोगों ने दान दिया था। पुलिस को वीरेश से पूछताछ में कुछ और कब्जाधारियों के नाम भी मिले हैं जिनकी गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।