मूर्ति विवाद में नहीं बच पाई जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा, देश के पहले PM पर फेंकी स्याही
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
त्रिपुरा चुनावों के बाद मूर्तियों को निशाने पर लिये जाने का सिलसिला जारी है। लेनिन, पेरियार, अंबेडकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और गांधी के बाद अब जवाहर लाल नेहरू की मूर्ति पर भी स्याही फेंकने की घटना सामने आयी है। पश्चिम बंगाल के वर्दवान जिले स्थित कटवा टेलिफोन मैदान में जवाहर लाल नेहरू का स्मारक लगाया गया है। शुक्रवार रात उनकी मूर्ति पर काली स्याही फेंकी गई।
#WestBengal: Black ink thrown at a statue of Jawaharlal Nehru in Katwa's Telephone Maidan, last night. Police reached the spot on receiving information & the statue was cleaned later. pic.twitter.com/sT498TVaj3
— ANI (@ANI) 17 March 2018विज्ञापन
आपको बता दें कि त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के नतीजों के कुछ घंटे बाद ही वहां लेनिन की मूर्ति क्षतिग्रस्त करने की घटना सामने आई थी। सोशल मीडिया पर इस मामले पर खूब चर्चा भी हुई थी। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में कई विचारधाराओं की समर्थित विभूतियों की और राजनेताओं की मूर्तियों को तोड़ने और स्याही फेंके जाने का सिलसिला ही शुरू हो गया।
ताजा मामला पश्चिम बंगाल के कोलकाता का है जहां देश के प्रथम प्रधानमंत्री की मूर्ति पर स्याही फेंकने का मामला सामने आया है जबकि उससे पहले यहां श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति से छेड़छाड़ की गई थी। हिंदू विचारक माने जाने वाले श्यामा प्रसाद मुखर्जी की केयोरताला स्थित मूर्ति पर स्याही पोती गई थी। इसी जगह पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का अंतिम संस्कार किया गया था। इस मामले पर सियासी बयानबाजी भी हुई थी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मूर्ति तोड़े जाने की घटना की आलोचना की थी।