सावधान : देश में तेजी से फैल रहा है ब्लैक फंगस, महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में बढ़ रहे हैं मामले
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि म्यूकोरमाइकोसिस(ब्लैक फंगस) के इलाज में उपयोगी दवा एम्फोटेरिसीन-बी की कमी के मुद्दे का जल्द समाधान किया जाएगा। कई नई दवा कंपनियों को इस औषधि के विनिर्माण की मंजूरी दी गई है।
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विस्तार
देश में कोरोना संक्रमण के साथ-साथ अब ब्लैक फंगस तेजी से पैर पसार रहा है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर इसके लिए सावधान किया है और इसे महामारी एक्ट के तहत अधिसूचित रोग घोषित करने को कहा है। बता दें कि इस खतरनाक ब्लैक फंगस से देश में अब तक 100 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। जिसमें महाराष्ट्र में सबसे अधिक 90 लोगों की मौत हुई है। वहीं हरियाणा और मध्यप्रदेश में क्रमशः 14 और 10 लोगों की जान गई है।
वहीं केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि म्यूकोरमाइकोसिस(ब्लैक फंगस) के इलाज में उपयोगी दवा एम्फोटेरिसीन-बी की कमी के मुद्दे का जल्द समाधान किया जाएगा। कई नई दवा कंपनियों को इस औषधि के विनिर्माण की मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों ने एम्फोटेरिसीन-बी की छह लाख खुराक के आयात के लिये भी आर्डर दिये हैं। हम स्थिति सामान्य करने के लिये हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि एमक्योर फार्मास्युटिकल्स, नैटको फार्मा, गुफिक बायोसाइंस, एलेम्बिक फार्मास्युटिकल्स और लाइका फार्मास्युटिकल्स को हाल के दिनों में एम्फोटेरिसीन-बी के उत्पादन के लिए मंजूरी मिली है। उन्होंने कहा कि माइलान, बीडीआर फार्मा, सन फार्मा और सिप्ला जैसी कंपनियां पहले से ही इस दवा के उत्पादन में लगी हुई हैं।
देश के इन राज्यों में ब्लैक फंगस का खतरा
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुरुवार को कहा कि राज्य में इस वक्त चिंता का सबसे बड़ा विषय म्यूकरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस है जिसके कारण यहां 90 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इसके उपचार के लिए अधिक मात्रा में दवाओं की जरूरत है।
राजस्थान
राजस्थान में करीब 100 मरीज ब्लैक फंगस से प्रभावित हैं। इनके उपचार के लिए जयपुर के सवाईमान सिंह अस्पताल में भी लिए अलग से वार्ड बनाया गया है, जहां पूरे प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को कहा कि ब्लैक फंगस के मरीजों का सम्पूर्ण विवरण राज्य सरकार के पास होना आवश्यक है, इसी के मद्देनजर इस बीमारी को राज्य में महामारी अधिसूचित किया गया है। गहलोत ने ट्वीट किया कि ब्लैक फंगस के मरीजों का सम्पूर्ण विवरण राज्य सरकार के पास होना आवश्यक है।
हरियाणा
हरियाणा में ब्लैक फंगस के अब तक 226 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। हरियाणा सरकार ने ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए 15 मई को ब्लैक फंगस को अधिसूचित रोग घोषित कर दिया था।
महाराष्ट्र के लिए फिलहाल चिंता का प्रमुख विषय ब्लैक फंगस है: टोपे ने प्रधानमंत्री से कहा
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में इस वक्त चिंता का सबसे बड़ा विषय म्यूकरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस है जिसके कारण यहां 90 लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इसके उपचार के लिए अधिक मात्रा में दवाओं की जरूरत है।
प्रधानमंत्री मोदी की महाराष्ट्र के 17 जिलाधिकारियों के साथ हुई बैठक में टोपे ने यह कहा। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण भी शामिल हुए। टोपे ने राज्य के लिए मांगें रखते हुए कहा कि कोविड-19 के मामलों में कमी आने के चलते रेमडेसिविर जैसी दवाओं और ऑक्सीजन की आवश्यकता स्थिर हुई है और फिलहाल महाराष्ट्र में म्यूकरमाइकोसिस चिंता का प्रमुख विषय बना हुआ है।
बुधवार को टोपे ने संवाददाताओं से कहा था कि म्यूकरमाइकोसिस के उपचार में काम आने वाली दवा एम्फोटेरिसिन-बी की महाराष्ट्र में कमी है और राज्य को इस दवा की केवल 16,000 शीशियां ही केंद्र से मिली हैं जबकि आवश्यकता डेढ़ से दो लाख शीशियों की है।
पिछले तीन दिन में पांच कंपनियों को मंजूरी: मंडाविया
मंडाविया ने एक ट्विटर पर लिखा है, ‘‘ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के इलाज में उपयोगी एम्फोटेरिसीन-बी की कमी का समाधान जल्द किया जाएगा। तीन दिनों के भीतर पांच और दवा कंपनियों को भारत में औषधि बनाने की मंजूरी दी गयी है। ये कंपनियां मौजूदा छह दवा कंपनियों के अलावा हैं।
रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मंडाविया ने यह भी कहा कि मौजूदा दवा कंपनियों ने औषधि का उत्पादन बढ़ाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों ने एम्फोटेरिसीन-बी की छह लाख खुराक के आयात के लिये भी आर्डर दिये हैं। हम स्थिति सामान्य करने के लिये हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि एमक्योर फार्मास्युटिकल्स, नैटको फार्मा, गुफिक बायोसाइंस, एलेम्बिक फार्मास्युटिकल्स और लाइका फार्मास्युटिकल्स को हाल के दिनों में एम्फोटेरिसीन-बी के उत्पादन के लिए मंजूरी मिली है।
उन्होंने कहा कि माइलान, बीडीआर फार्मा, सन फार्मा और सिप्ला जैसी कंपनियां पहले से ही इस दवा के उत्पादन में लगी हुई हैं।
जरूरत हुई तो ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करेंगे : केजरीवाल
केजरीवाल ने यह भी कहा कि दिल्ली में सरकार संचालित तीन अस्पतालों में ब्लैक फंगस के उपचार के लिए समर्पित केंद्र स्थापित किए जाएंगे। केजरीवाल ने यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों पर विचार-विमर्श करने के बाद यह बात कही।
बैठक में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और मुख्य सचिव विजय कुमार देव ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘ब्लैक फंगस बीमारी की रोकथाम और इलाज के लिए बैठक में कुछ अहम निर्णय लिए। ब्लैक फंगस के इलाज के लिए लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल, गुरु तेग बहादुर अस्पताल और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में केंद्र बनाए जाएंगे।’’
हिमाचल प्रदेश में ब्लैक फंगस के पहले मामले का पता चला है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ जनक राज ने बताया कि प्रदेश के हमीरपुर जिले के खगर की रहने वाली एक महिला में म्यूकरमाइकोसिस का पता चला है ।
उन्होंने बताया कि महिला का आईजीएमसी में इलाज चल रहा है । उन्होंने बताया कि महिला को मंडी के श्री लाल बहादुर शास्त्री सरकारी अस्पताल से यहां भेजा गया था। राज ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है और म्यूकरमाइकोसिस मरीज की नाक के आसपास पाया गया है।
उन्होंने बताया कि महिला मधुमेह एवं रक्तचाप से पीड़ित है, वह चार मई को कोविड-19 से संक्रमित हुई थी।
ब्लैक फंगस के मरीजों का विवरण राज्य सरकार के पास होना आवश्यक : गहलोत
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि ब्लैक फंगस के मरीजों का सम्पूर्ण विवरण राज्य सरकार के पास होना आवश्यक है, इसी के मद्देनजर इस बीमारी को राज्य में महामारी अधिसूचित किया गया है।
गहलोत ने ट्वीट किया, ‘‘ब्लैक फंगस के मरीजों का सम्पूर्ण विवरण राज्य सरकार के पास होना आवश्यक है। इसके दृष्टिगत पूर्व में घोषित महामारी कोविड-19 के तहत ही अब राजस्थान महामारी अधिनियम,2020 के अन्तर्गत ब्लैक फंगस को सम्पूर्ण राज्य में महामारी तथा अधिसूचित किया गया है।’’
राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को इस बीमारी को महामारी घोषित करने की अधिसूचना जारी की। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा अखिल अरोरा द्वारा जारी इस अधिसूचना के अनुसार कोरोना संक्रमण के प्रभाव के कारण म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि, ब्लैक फंगस के कोरोना संक्रमण के साइड इफेक्ट के रूप में सामने आने कोरोना एवं ब्लैक फंगस का एकीकृत एवं समन्वित उपचार किए जाने के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
अधिसूचना के अनुसार राजस्थान महामारी अधिनियम 2020 की धारा 3 की सहपठित धारा चार के तहत म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) को संपूर्ण राज्य में महामारी व अधिसूचनीय रोग अधिसूचित किया जाता है।
ओडिशा सरकार ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया
Odisha Government includes Mucoremycosis (Black Fungus) as a notifiable disease under the Epidemic Diseases Act 1897.
— ANI (@ANI) May 20, 2021