बीजेपी की चुनावी रणनीति में छाए नागरिकता कानून, तीन तलाक और अनुच्छेद 370
* अरविंद केजरीवाल सरकार की योजनाओं को ही अपना सबसे प्रमुख एजेंडा बनाए हुए है आप
* अरविंद केजरीवाल ने दुहराया, मुफ्त योजनाएं चुनावी स्कीम नहीं, बाद में रहेंगी जारी
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झारखंड के चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने केंद्रीय मुद्दों को खूब जोरशोर से उठाया। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अयोध्या में जल्दी ही दुनिया का सबसे बड़ा राममंदिर बनवाने का वायदा तक किया। लेकिन चुनाव परिणाम बताते हैं कि उसे इसका कोई फायदा नहीं हुआ।
चुनाव पूरी तरह स्थानीय मुद्दों पर हुआ और बीजेपी के हाथ से सत्ता जाती रही। लेकिन झारखंड के चुनाव परिणाम के बाद भी भाजपा ने केंद्रीय मुद्दों को ही उठाने का फैसला किया है। पार्टी नेता दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए की जा रही अपनी सभाओं में केंद्र सरकार के तीन तलाक कानून, नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 और अनुच्छेद 370 के विवादित प्रावधानों को निरस्त किए जाने का मुद्दा खूब उठा रहे हैं।
पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को तालकटोरा स्टेडियम में अटल बिहारी वाजपेयी की याद में आयोजित कार्यक्रम 'दिव्य स्मृति दिवस' पर कहा कि अनुच्छेद 370 (के विवादित प्रावधान) हटाने से कश्मीर के लोगों को न्याय मिला है।
उन्होंने कहा कि राज्य में दलित लोगों को राज्य में ऊंची नौकरियां करने से रोका जाता था और केंद्रीय कानून वहां पर लागू नहीं होते थे। लेकिन अब अनुच्छेद 370 (के विवादित प्रावधान) हटने से अब वे लोग ऊंची नौकरियां भी कर सकेंगे।
इसी प्रकार बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अपने एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि दिल्ली में ऐसे लोगों की सरकार चल रही है जो टुकड़े-टुकड़े गैंग का बचाव करती है। पार्टी उपाध्यक्ष श्याम जाजू ने अपने जन्मदिन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि देश में मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने का काम नरेंद्र मोदी सरकार ने किया है। अगर वे सत्ता में न होते तो मुस्लिम समाज की बहनों को लगातार तीन तलाक का कष्ट उठाना पड़ता।
जमीनी मुद्दों पर टिकी आप
वहीं आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय मुद्दों पर बोलने से बच रही है। उसके नेता अपने कार्यक्रमों में लगातार उन्हीं मुद्दों को उठा रहे हैं जिन्हें अरविंद केजरीवाल सरकार ने अपने कार्यकाल में किया है।
रविवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में आप नेता अरविंद केजरीवाल ने दुहराया कि उनकी राजनीति के केंद्र में आम आदमी ही रहेगा। इस सवाल पर कि क्या मुफ्त बिजली और पानी की योजनाएं चुनाव के बाद बंद की जा सकती हैं, मुख्यमंत्री ने कहा कि ये योजनाएं हमेशा चलती रहेंगी।
बल्कि समय के साथ उनमें और भी इजाफा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ईमानदारी से लिए गए टैक्स को ईमानदारी से जरुरतमंदों तक पहुंचा रही है। और सरकार की आय में बढ़ोतरी के साथ लोगों की सुविधाएं लगातार बढ़ती रहेंगी।