BJP: परिषद-कार्यकारिणी बैठक के जरिये चुनाव अभियान को धार देगी भाजपा, अगले महीने दिल्ली में होंगी बैठकें
पार्टी सूत्रों ने बताया कि संभवत: 17 फरवरी को राष्ट्रीय कार्यकारणी और 18 को राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी। प्रधानमंत्री दोनों ही बैठकों को संबोधित करेंगे। इससे पहले बैठक का एजेंडा और प्रस्ताव तय करने के लिए 16 फरवरी को पार्टी महासचिवों की बैठक होगी।
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भाजपा अपने लोकसभा चुनाव अभियान को धार देने के लिए अगले महीने राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक का आयोजन करेगी। इन बैठकों के जरिये पार्टी मोदी सरकार के करीब दस साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाने के साथ राजनीतिक, आर्थिक सहित कई दूसरे प्रस्ताव पारित करेगी। इसके अलावा पार्टी ने चुनाव अभियान को मजबूती देने के लिए कई कमेटियों का गठन कर महासचिवों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि संभवत: 17 फरवरी को राष्ट्रीय कार्यकारणी और 18 को राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी। प्रधानमंत्री दोनों ही बैठकों को संबोधित करेंगे। इससे पहले बैठक का एजेंडा और प्रस्ताव तय करने के लिए 16 फरवरी को पार्टी महासचिवों की बैठक होगी।
राधामोहन को विजन डाॅक्यूमेंट का जिम्मा
पार्टी ने चुनाव के मद्देनजर कई कमेटियों का गठन कर पार्टी महासचिवों को इन कमेटियों की कमान सौंपी है। पार्टी महासचिव राधामोहन दास अग्रवाल को बेहद अहम विजन डाॅक्यूमेंट तैयार करने वाली कमेटी की जिम्मेदारी मिली है। दूसरे महासचिव सुनील बंसल चुनाव अभियान और चुनाव प्रचार कमेटी की अगुवाई करेंगे। विनोद तावड़े को जॉइनिंग कमेटी की कमान दी गई है।
चुनाव प्रचार की तय होगी अंतिम रणनीति
लोकसभा चुनाव में भाजपा की योजना हिंदुत्व और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन साधने की है। इसी रणनीति के तहत पार्टी जहां एक ओर हिंदुत्व और राष्ट्रवाद से जुड़े कई मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी की है, वहीं वंचित और गरीब कल्याण से जुड़े मुद्दे पर भी हमलावर है। इन बैठकों में मोदी सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं के साथ-साथ हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे के व्यापक प्रचार-प्रसार की रणनीति तैयार होगी।
पार्टी में आने को इच्छुक नेताओं पर नजर
जॉइनिंग कमेटी पार्टी में आने के इच्छुक नेताओं का स्क्रीनिंग करेगी। इसके अलावा कमेटी उन नेताओं को भी पार्टी में लाने का प्रयास करेगी, जिससे पार्टी की ताकत में इजाफा हो। इस क्रम में कमेटी खासतौर पर उन राज्यों पर ध्यान देगी, जहां पार्टी संगठनात्मक तौर पर कमजोर है। दलितों को साधने के लिए बौद्ध सम्मेलन चुनाव में दलित वोट बैंक को साधने के लिए पार्टी ने चुनाव से पहले देश भर में बौद्ध सम्मेलन आयोजित करने का फैसला किया है। इसके आयोजन की जिम्मेदारी महासचिव दुष्यंत गौतम को दी गई है।