{"_id":"59aeddcc4f1c1b60078b46c0","slug":"bjp-trinamool-to-form-for-gujarat-ran-modi-shah-and-jaitley-will-be-on-the-front","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गुजरात रण के लिए भाजपा की त्रिमूर्ति तैयार, जल्द ही मोर्चे पर उतरेंगे मोदी, शाह और जेटली","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
गुजरात रण के लिए भाजपा की त्रिमूर्ति तैयार, जल्द ही मोर्चे पर उतरेंगे मोदी, शाह और जेटली
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 05 Sep 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी की त्रिमूर्ति रण में उतरने को तैयार हैं। भाजपा के तीनों बडे चेहरे पीएम मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरूण जेटली जल्द ही गुजरात के रण में भाजपा का मैदान संभालते नजर आएंगे।
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव के साथ मिलकर सूबे की चुनावी रणनीति तैयार कर ली है। मोदी, शाह और जेटली के कार्यक्रम भी तय हो गए हैं।
प्रदेश की चुनावी फिंजा को हिन्दूत्व के एजेंडे पर लाने के लिए भाजपा का चुनावी औजार इस दफे नर्मदा बनेंगी। तो युवा मतदाताओं पर पार्टी ने विशेष ध्यान केंद्रीत किया हुआ है। पार्टी ने अपने प्रचार अभियान के लिए गुजरात के लगातार हो रहे विकास को मुख्य मुद्दा बनाया है।
विज्ञापन
अडिख्खम गुजरात का आयोजन कर भाजपा सूबे में किए विकास कार्यों को भरपूर भूनाएगी। पार्टी ने पीएम मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए सूबे में किए गए कार्यों के अलावा उनके पीएम बनने के बाद तक के कार्यों का विस्तार से पुलिंदा बनाया है। जिसे गुजरात की जनता के सामने वह पेश कर समर्थन मांगेगी।
गंगा के बाद अब नर्मदा को भूनाएगी भाजपा
गंगा के मुद्दे पर उत्तर भारत में सियासत की सफल खेती कर चुकी भाजपा गुजरात में अपनी पांचवी जीत दर्ज करने के लिए नर्मदा को राजनैतिक औजार बना रही है।
पार्टी ने इसकी बिसात पूरी तरह बिछा भी दी है। 4 सितंबर सोमवार से पार्टी ने सूबे के अलग-अलग हिस्सों में 80 नर्मदा रथ रवाना किए हैं। जोकि जनता के बीच जाकर भाजपा के विकास की गाथा ब्यां करेंगे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि जब-जब भाजपा की सरकार रही है तब-तब नर्मदा बांध का काम तेज गति से हुआ है। न्यायालय के फैसले के बाद नर्मदा बांध अपने उंचाई के शिखर पर है।
इसका लाभ गुजरात की जनता को हुआ है और आगे भी होगा। इसके बदौलत कच्च से लेकर सौराष्ट्र तक की तकदीर बदली है। इसलिए नर्मदा से हुआ विकास गाथा को नर्मदा रथ के जरिए जनता के बीच रखा जा रहा है।
इसके अलावा 17 सितंबर को पीएम मोदी अपने जन्म दिवस के अवसर पर केवडिया कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम के जरिए नर्मदा बांध का लोकार्पण करेंगे। दरअसल मुख्यमंत्री रहते हुए पीएम मोदी ने बांध की ऊंचाई को लेकर लंबी लड़ाई लड़ी थी, इसके बाद आनंदी बेन के कार्यकाल में बांध की ऊंचाई बढ़ाने को मंजूरी मिली। अब यह काम पूरा हो चुका है इसलिए पीएम मोदी जन्मदिन के मौके पर इसे गुजरात को पुनः समर्पित करेंगे।
विज्ञापन
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव के साथ मिलकर सूबे की चुनावी रणनीति तैयार कर ली है। मोदी, शाह और जेटली के कार्यक्रम भी तय हो गए हैं।
विज्ञापन
प्रदेश की चुनावी फिंजा को हिन्दूत्व के एजेंडे पर लाने के लिए भाजपा का चुनावी औजार इस दफे नर्मदा बनेंगी। तो युवा मतदाताओं पर पार्टी ने विशेष ध्यान केंद्रीत किया हुआ है। पार्टी ने अपने प्रचार अभियान के लिए गुजरात के लगातार हो रहे विकास को मुख्य मुद्दा बनाया है।
विज्ञापन
अडिख्खम गुजरात का आयोजन कर भाजपा सूबे में किए विकास कार्यों को भरपूर भूनाएगी। पार्टी ने पीएम मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए सूबे में किए गए कार्यों के अलावा उनके पीएम बनने के बाद तक के कार्यों का विस्तार से पुलिंदा बनाया है। जिसे गुजरात की जनता के सामने वह पेश कर समर्थन मांगेगी।
गंगा के बाद अब नर्मदा को भूनाएगी भाजपा
गंगा के मुद्दे पर उत्तर भारत में सियासत की सफल खेती कर चुकी भाजपा गुजरात में अपनी पांचवी जीत दर्ज करने के लिए नर्मदा को राजनैतिक औजार बना रही है।
पार्टी ने इसकी बिसात पूरी तरह बिछा भी दी है। 4 सितंबर सोमवार से पार्टी ने सूबे के अलग-अलग हिस्सों में 80 नर्मदा रथ रवाना किए हैं। जोकि जनता के बीच जाकर भाजपा के विकास की गाथा ब्यां करेंगे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि जब-जब भाजपा की सरकार रही है तब-तब नर्मदा बांध का काम तेज गति से हुआ है। न्यायालय के फैसले के बाद नर्मदा बांध अपने उंचाई के शिखर पर है।
इसका लाभ गुजरात की जनता को हुआ है और आगे भी होगा। इसके बदौलत कच्च से लेकर सौराष्ट्र तक की तकदीर बदली है। इसलिए नर्मदा से हुआ विकास गाथा को नर्मदा रथ के जरिए जनता के बीच रखा जा रहा है।
इसके अलावा 17 सितंबर को पीएम मोदी अपने जन्म दिवस के अवसर पर केवडिया कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम के जरिए नर्मदा बांध का लोकार्पण करेंगे। दरअसल मुख्यमंत्री रहते हुए पीएम मोदी ने बांध की ऊंचाई को लेकर लंबी लड़ाई लड़ी थी, इसके बाद आनंदी बेन के कार्यकाल में बांध की ऊंचाई बढ़ाने को मंजूरी मिली। अब यह काम पूरा हो चुका है इसलिए पीएम मोदी जन्मदिन के मौके पर इसे गुजरात को पुनः समर्पित करेंगे।
नेहरू के अधूरे सपने को पूरा करेंगे मोदी
उल्लेखनीय है कि नर्मदा बांध के नींव की आधारशिला वर्ष 1961 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने रखी थी। तमाम विवादों के बाद इस बांध के काम को पूरा होने में 56 साल लग गए।
गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए पीएम मोदी ने इसके 30 गेट बंद करने की अनुमति भी प्रदान की थी। अब इस बांध की उंचाई 138 मीटर हो गई है और इसकी जल संचयन क्षमता 47.5 लाख घनमीटर हो गई है।
नेहरू के इस अधूरे सपने को पूरा करते हुए पीएम मोदी 17 सितंबर को बांध का लोकार्पण करेंगे। चुनाव के ऐन मौके पर उनके इस आयोजन को सियासी कदम के रूप में देखा जा रहा है। लोकार्पण से पहले पूरे सूबे में नर्मदा रथ निकालकर भाजपा ने इसके सियासी लाभ के संकेत दे भी दिए हैं।
अडिख्खम गुजरात के जरिए युवाओं को रिझाएंगे शाह
चुनाव में हर दफे प्रचार का कुछ नया तरीका इजात करने वाली भाजपा इस दफे अडिख्खम गुजरात का आयोजन करेगी। 10 सितंबर को होने वाले पहले अडिख्खम गुजरात में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सूबे के 1 लाख युवाओं से सीधे रूबरू होंगे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार अडिख्खम गुजरात टॉउन हॉल सरीखा (राजनैतिक) कार्यक्रम है। 10 सितंबर को होने वाला टॉउन हॉल कार्यक्रम अब तक का सबसे ऐतिहासिक राजनैतिक कार्यक्रम होगा।
इसमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सूबे के युवाओं संग सीधा संवाद करेंगे। एक तरह से यह पार्टी अध्यक्ष के जरिए चुनाव अभियान की शुरूआत होगी।
शाह के संवाद कार्यक्रम में गुजरात के 1 लाख युवाओं को जोडने के लिए सूबे के अलग-अलग हिस्सों में करीब 100 जगह टाउन हॉल बनाए जाएंगे। शाह अहमदाबाद के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहकर सूबे के युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। इससे पहले युवाओं को जोडने के लिए पार्टी ने पूरे सूबे में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन भी कराया था।
युवाओं से मांगे जा रहे अडिख्खम गुजरात के लिए सवाल
शाह के अडिख्खम गुजरात कार्यक्रम के लिए प्रदेश के युवाओं से अलग-अलग विभिन्न माध्यमों के जरिए सवाल मांगे जा रहे हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया, फेसबूक और मिस्डकॉल के जरिए युवाओं से सवाल मांगे हैं। जिनके जवाब सीधे अमित शाह देंगे।
सोशल मीडिया और रियल मीडिया टीम की तार कसेंगे जेटली
गुजरात चुनाव के प्रभारी बनाए गए वित्त मंत्री अरूण जेटली 11 सितंबर से मोर्चे पर जुट जाएंगे। 10 सितंबर को सीधे पुणे से अहमदाबाद पहुंचकर वे 11 सितंबर को अहमदाबाद में रहेंगे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार 11सितंबर को जेटली ने प्रदेश के मीडिया और सोशल मीडिया टीम की अलग-अलग कार्यशाला का आयोजन रखा है। वे सोशल मीडिया और मीडिया टीम से जुडे कार्य्रकर्ताओं को मुद्दों के साथ चुनावी हमले के गूर सिखाएंगे।v
गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए पीएम मोदी ने इसके 30 गेट बंद करने की अनुमति भी प्रदान की थी। अब इस बांध की उंचाई 138 मीटर हो गई है और इसकी जल संचयन क्षमता 47.5 लाख घनमीटर हो गई है।
नेहरू के इस अधूरे सपने को पूरा करते हुए पीएम मोदी 17 सितंबर को बांध का लोकार्पण करेंगे। चुनाव के ऐन मौके पर उनके इस आयोजन को सियासी कदम के रूप में देखा जा रहा है। लोकार्पण से पहले पूरे सूबे में नर्मदा रथ निकालकर भाजपा ने इसके सियासी लाभ के संकेत दे भी दिए हैं।
अडिख्खम गुजरात के जरिए युवाओं को रिझाएंगे शाह
चुनाव में हर दफे प्रचार का कुछ नया तरीका इजात करने वाली भाजपा इस दफे अडिख्खम गुजरात का आयोजन करेगी। 10 सितंबर को होने वाले पहले अडिख्खम गुजरात में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सूबे के 1 लाख युवाओं से सीधे रूबरू होंगे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार अडिख्खम गुजरात टॉउन हॉल सरीखा (राजनैतिक) कार्यक्रम है। 10 सितंबर को होने वाला टॉउन हॉल कार्यक्रम अब तक का सबसे ऐतिहासिक राजनैतिक कार्यक्रम होगा।
इसमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सूबे के युवाओं संग सीधा संवाद करेंगे। एक तरह से यह पार्टी अध्यक्ष के जरिए चुनाव अभियान की शुरूआत होगी।
शाह के संवाद कार्यक्रम में गुजरात के 1 लाख युवाओं को जोडने के लिए सूबे के अलग-अलग हिस्सों में करीब 100 जगह टाउन हॉल बनाए जाएंगे। शाह अहमदाबाद के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहकर सूबे के युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। इससे पहले युवाओं को जोडने के लिए पार्टी ने पूरे सूबे में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन भी कराया था।
युवाओं से मांगे जा रहे अडिख्खम गुजरात के लिए सवाल
शाह के अडिख्खम गुजरात कार्यक्रम के लिए प्रदेश के युवाओं से अलग-अलग विभिन्न माध्यमों के जरिए सवाल मांगे जा रहे हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया, फेसबूक और मिस्डकॉल के जरिए युवाओं से सवाल मांगे हैं। जिनके जवाब सीधे अमित शाह देंगे।
सोशल मीडिया और रियल मीडिया टीम की तार कसेंगे जेटली
गुजरात चुनाव के प्रभारी बनाए गए वित्त मंत्री अरूण जेटली 11 सितंबर से मोर्चे पर जुट जाएंगे। 10 सितंबर को सीधे पुणे से अहमदाबाद पहुंचकर वे 11 सितंबर को अहमदाबाद में रहेंगे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार 11सितंबर को जेटली ने प्रदेश के मीडिया और सोशल मीडिया टीम की अलग-अलग कार्यशाला का आयोजन रखा है। वे सोशल मीडिया और मीडिया टीम से जुडे कार्य्रकर्ताओं को मुद्दों के साथ चुनावी हमले के गूर सिखाएंगे।v