{"_id":"632f316204b8d3611d033669","slug":"bjp-says-it-preparing-to-fight-tripura-polls-alone-latest-news-update","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tripura Polls: त्रिपुरा में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में भाजपा, गठबंधन पर कही यह बात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Tripura Polls: त्रिपुरा में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में भाजपा, गठबंधन पर कही यह बात
Sat, 24 Sep 2022 10:03 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 24 Sep 2022 10:03 PM IST
सार
त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा में अगले साल की शुरुआत में मतदान होना है। भाजपा के पास 35 विधायक हैं, जबकि उसकी सहयोगी आईपीएफटी के सात विधायक हैं। विपक्षी माकपा के पास 15 विधायक हैं और कांग्रेस के पास एक विधायक है। दो सीटें खाली हैं।
विज्ञापन
माणिक साहा
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा त्रिपुरा में अगला विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने की तैयारी कर रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने इस बात का दावा किया। दरअसल, शनिवार को भाजपा की एक अहम बैठक हुई। बैठक में भाजपा महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा, त्रिपुरा प्रभारी महेश शर्मा और मुख्यमंत्री माणिक साहा शामिल हुए। इस दौरान विधानसभा चुनाव का खाका तैयार करने पर मंथन किया गया।
विज्ञापन
हालांकि, भाजपा ने अपनी सहयोगी आईपीएफटी का साथ छोड़ने से भी इनकार किया है। पार्टी को पिछले साल आदिवासी निकाय चुनावों में टिपरा मोथा से हार गई थी। तब से आईपीएफटी का जनाधार लगातार गिरता जा रहा है। भाजपा के मुख्य राज्य प्रवक्ता सुब्रत चक्रवर्ती ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बैठक में पार्टी की ताजा स्थिति से लेकर चर्चा हुई। इस दौरान सरकार के प्रदर्शन और विपक्ष की गतिविधियों जैसे विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि लोगों की नब्ज भाजपा के साथ है और पार्टी अपने दम पर विधानसभा चुनाव में भारी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। चक्रवर्ती ने कहा कि पार्टी हर मतदान केंद्र पर अपना आधार मजबूत करना चाहती है। उन्होंने कहा कि मैदानों के अलावा हम विपक्ष के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए पहाड़ियों में भी काफी मजबूत हैं। इसलिए पार्टी खुद को इस तरह से तैयार करेगी कि वह अकेले चुनाव लड़ सके।
विज्ञापन
बाद में स्पष्ट करते हुए चक्रवर्ती ने कहा कि उनकी पार्टी एक नए चुनावी साथी की तलाश में नहीं थी और आईपीएफटी के साथ चुनावी साझेदारी जारी रहेगी। भाजपा कभी भी सहयोगी को नहीं छोड़ती। त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा में अगले साल की शुरुआत में मतदान होना है। भाजपा के पास 35 विधायक हैं, जबकि उसकी सहयोगी आईपीएफटी के सात विधायक हैं। विपक्षी माकपा के पास 15 विधायक हैं और कांग्रेस के पास एक विधायक है। दो सीटें खाली हैं।