{"_id":"58c359fd4f1c1b3e46dc3dea","slug":"bjp-s-preparation-for-kesariya-holi-but-remember-bihar-s-lesson","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भाजपा ने की केसरिया होली की तैयारी मगर याद है बिहार का सबक","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
भाजपा ने की केसरिया होली की तैयारी मगर याद है बिहार का सबक
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Sat, 11 Mar 2017 01:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर सेमिफाईनल के तौर पर देखे जा रहे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम आज सामने आएंगे। लंबे इंतजार के बाद यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा के ताज की बादशाहत को लेकर जारी ससपेंस से परदा हटेगा।
चुनाव बेशक पांच राज्यों के हैं मगर देश-दुनिया की नजरें यूपी के परिणाम पर ज्यादा टिकी हैं। इसलिए यूपी चुनाव के परिणामों को लेकर राजनीतिक दलों से लेकर खुद चुनाव आयोग तक उत्साहित है राजनीतिक दल अपनी सियासी जीत-हार को लेकर परिणाम पर नजरें जमाए हुए हैं। जीत को लेकर उत्साहित भाजपा ने केसरिया होली की तैयारी की है।
चुनाव नतीजों का लंबा सियासी लाभ उठाने के लिए पार्टी मुख्यालय के बगल वाले बंगले 9 अशोक रोड़ में मीडिय़ा के लिए खास इंतजाम किया गया है। एग्जिट पोल में पार्टी की दिख रही खुशनूमा तस्वीर से भाजपा के शीर्ष नेता जीत को लेकर आशान्वित हैं। मगर बिहार की सबक भी उन्हें याद है। इसलिए तमाम तैयारियों के बावजूद भी पार्टी ने इसका प्रचार नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चुनाव बेशक पांच राज्यों के हैं मगर देश-दुनिया की नजरें यूपी के परिणाम पर ज्यादा टिकी हैं। इसलिए यूपी चुनाव के परिणामों को लेकर राजनीतिक दलों से लेकर खुद चुनाव आयोग तक उत्साहित है राजनीतिक दल अपनी सियासी जीत-हार को लेकर परिणाम पर नजरें जमाए हुए हैं। जीत को लेकर उत्साहित भाजपा ने केसरिया होली की तैयारी की है।
विज्ञापन
चुनाव नतीजों का लंबा सियासी लाभ उठाने के लिए पार्टी मुख्यालय के बगल वाले बंगले 9 अशोक रोड़ में मीडिय़ा के लिए खास इंतजाम किया गया है। एग्जिट पोल में पार्टी की दिख रही खुशनूमा तस्वीर से भाजपा के शीर्ष नेता जीत को लेकर आशान्वित हैं। मगर बिहार की सबक भी उन्हें याद है। इसलिए तमाम तैयारियों के बावजूद भी पार्टी ने इसका प्रचार नहीं किया है।
विज्ञापन
उधर चुनाव आयोग ने जनता के सामने फटाफट चुनाव नतीजों से लेकर उसका ट्रेंड पहुंचाने के लिए कमर कस तैयारी की है। वह आंकडों के जरिए वर्ष 2012 के चुनाव नतीजों के साथ वर्तमान नतीजों की लाईव तुलनात्मक जानकारी देगा। पहली बार चुनाव आयोग यह नया प्रयोग करने जा रहा है। आयोग ट्रेंड और नतीजों के साथ-साथ यह भी बताता चलेगा कि पिछले चुनाव की मतगणना के दौरान किस दल की क्या स्थिति थी। आयोग की वेबसाईट पर लाइव रिजल्टस के सेक्शन पर जाकर क्लिक करने से पल-पल की जानकारी ली जा सकती है।
केसरिया होली की तमाम तैयारियों के साथ भाजपा ने सजगता भी बरती है। पार्टी को यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में जीत का तो पूरा विश्वास है। मगर परिणाम की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पार्टी नेता और कार्यकर्ता अपनी जीत का इजहार करेंगे। यही वजह है कि शनिवार को होने वाली संसदीय बोर्ड के बैठक का पार्टी ने औपचारिक ऐलान नहीं किया है। यूपी के परिणामों को देखकर ही संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाने पर तत्काल निर्णय होगा। तो दिल्ली से आने वाले कार्यकर्ताओं को भी सुबह ही पार्टी मुख्यालय पहुंचने का संदेश काटा जाएगा।
वैसे केसरिया होली मनाने का समान मंगाकर पार्टी मुख्यालय में रख दिया गया है। मगर इसका इजहार परिणाम स्पष्ट होने के बाद ही होगा। साथ ही मीडिय़ा और पार्टी मुख्यालय पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं के लिए मिठाई और कुछ भोजन का भी इंतजाम है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी के प्रवक्ता बेशक सुबह से मीडिय़ा की कमान संभालेंगे। लेकिन बड़े नेताओं का मुख्सलय पर आगमन 10 बजे के बाद ही होगा।
सूत्र बताते हैं कि भाजपा आलाकमान ने मीडिय़ा के सामने पेश होने वाले नेताओं को कड़ी नसीहत दी है कि वे शुरूआती दौर में उत्साहजनक बयानबाजी से बचें। जीत की स्थिति देखने के बाद ही वे अपना रूख तय करें। पार्टी ने बिहार से सबक लेते हुए यह निर्देश दिए हैं। बिहार परिणाम के दिन शुरूआती परिणाम को देखते ही नेताओं ने बयानबाजी शुरू करने के साथ जीत का जश्र शुरू कर दिया था।
मगर चंद घंटो के बाद उसकी खुशी गम में बदल गई थी। जिसके वजह से पार्टी नेतृत्व को भारी फजिहत का सामना करना पड़ा था। इसलिए पार्टी ने इस दफे बेहद सजगता बरतना ही मुनासिब समझा है। दरअसल शुरूआती दौर में पोस्टल वोटों की गणना होती है। जिसमें अक्सर भाजपा मजबूत रहती है।
केसरिया होली की तमाम तैयारियों के साथ भाजपा ने सजगता भी बरती है। पार्टी को यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में जीत का तो पूरा विश्वास है। मगर परिणाम की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पार्टी नेता और कार्यकर्ता अपनी जीत का इजहार करेंगे। यही वजह है कि शनिवार को होने वाली संसदीय बोर्ड के बैठक का पार्टी ने औपचारिक ऐलान नहीं किया है। यूपी के परिणामों को देखकर ही संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाने पर तत्काल निर्णय होगा। तो दिल्ली से आने वाले कार्यकर्ताओं को भी सुबह ही पार्टी मुख्यालय पहुंचने का संदेश काटा जाएगा।
वैसे केसरिया होली मनाने का समान मंगाकर पार्टी मुख्यालय में रख दिया गया है। मगर इसका इजहार परिणाम स्पष्ट होने के बाद ही होगा। साथ ही मीडिय़ा और पार्टी मुख्यालय पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं के लिए मिठाई और कुछ भोजन का भी इंतजाम है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी के प्रवक्ता बेशक सुबह से मीडिय़ा की कमान संभालेंगे। लेकिन बड़े नेताओं का मुख्सलय पर आगमन 10 बजे के बाद ही होगा।
सूत्र बताते हैं कि भाजपा आलाकमान ने मीडिय़ा के सामने पेश होने वाले नेताओं को कड़ी नसीहत दी है कि वे शुरूआती दौर में उत्साहजनक बयानबाजी से बचें। जीत की स्थिति देखने के बाद ही वे अपना रूख तय करें। पार्टी ने बिहार से सबक लेते हुए यह निर्देश दिए हैं। बिहार परिणाम के दिन शुरूआती परिणाम को देखते ही नेताओं ने बयानबाजी शुरू करने के साथ जीत का जश्र शुरू कर दिया था।
मगर चंद घंटो के बाद उसकी खुशी गम में बदल गई थी। जिसके वजह से पार्टी नेतृत्व को भारी फजिहत का सामना करना पड़ा था। इसलिए पार्टी ने इस दफे बेहद सजगता बरतना ही मुनासिब समझा है। दरअसल शुरूआती दौर में पोस्टल वोटों की गणना होती है। जिसमें अक्सर भाजपा मजबूत रहती है।