बीजेपी का चुनावी घोषणा पत्र लीक, शिवसेना ने मार ली बाजी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एशिया की सबसे धनाढ्य नगर निकाय मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में गठबंधन को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच शह और मात का खेल जारी है। इस बीच भाजपा चुनावी घोषणा पत्र कमेटी के एक नेता के चलते कुछ मुद्दे लीक हो गए जिसे शिवसेना ने लपक लिया।
शवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को आनन-फानन में घोषणा कर दी कि शिवसेना बीएमसी की सत्ता में आई तो संपत्ति कर (प्रापर्टी टैक्स) रद्द कर दिए जाएंगे। इसके बाद मुंबई बीजेपी में खलबली मच गई है।
बृहस्पतिवार को उद्धव ठाकरे ने जब अचानक पत्रकारों को अपने घर (मातोश्री) बुलाया तो लगा कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन को लेकर कुछ बड़ी घोषणा की जाएगी, लेकिन उन्होंने सिर्फ चुनावी मुद्दे जाहिर किए।
उद्धव ने कहा कि शिवसेना के सत्ता में आने पर 500 वर्ग फुट वाले सभी फ्लैटों को प्रापर्टी टैक्स से मुक्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधा से वंचित लोगों के लिए ‘शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे सुरक्षा कवच योजना’ शुरू की जाएगी। आगामी 26 जनवरी को शिवसेना की ओर से अधिकृत चुनावी घोषणा पत्र जारी किया जाएगा।
बीजेपी से गठबंधन की चर्चा सकारात्मक दिशा में
सूत्रों का कहना है कि शिवसेना को जब यह पता चला कि बीजेपी अपने चुनावी घोषणा पत्र में मुंबई वासियों को प्रापर्टी टैक्स फ्री करने का चुनावी तोहफा देना चाहती है तो उद्धव ठाकरे सक्रिय हो गए। उन्होंने अचानक पत्रकारों को बुलाया और चुनावी वादे घोषित कर दिए। वहीं, प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता व चुनावी घोषणा पत्र कमेटी में शामिल अतुल शाह ने कहा कि जो वादा उद्धव ने किया है वह बीजेपी करना चाहती है और यह जनता के बीच पहुंच चुका है। इसलिए शिवसेना को इसका श्रेय नहीं मिलेगा।
दरअसल, बीएमसी को शिवसेना की ताकत का आधार माना जाता है। शिवसेना करीब तीन दशक से बीएमसी की सत्ता में है। इसलिए वह किसी भी हालत में बीएमसी चुनाव फतह करना चाहती है। परन्तु, बीजेपी से गठबंधन को लेकर अभी सीटों का पेंच फंसा हुआ है। उद्धव ठाकरे ने बीजेपी से गठबंधन की संभावनाओं को खारिज नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी से गठबंधन की चर्चा सकारात्मक दिशा में चल रही है। इसलिए अभी इंतजार करना होगा। बता दें कि आगामी 21 फरवरी को बीएमसी की 227 सीटों के लिए मतदान होने हैं। इसको लेकर बीजेपी-शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी, सपा, मनसे और एमआईएम की चुनावी रणनीति बनने लगी है।