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गुजरात विधानसभा चुनाव : BJP से टिकट पाने के लिए मुसलमानों में भी लगी होड़
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
Updated Tue, 31 Oct 2017 04:06 PM IST
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बीजेपी गुजरात
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गुजरात चुनाव इस बार कई मायनो में खास होने वाला है। एक ओर जहां भाजपा अपने विकास को मुद्दा बनाकर एकबार फिर सत्ता पर काबिज होने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रही है, वहीं कांग्रेस अपनी 22 पहले खोई सत्ता को वापस पाने के लिए जोड़ -तोड़ करने में जुटी है।
इसी बीच एक खबर आ रही है कि बड़ी संख्या में गुजरात के मुसलमान इस चुनाव में टिकट पाने के लिए लाइन में लग गए हैं। 2011 के बाद यह पहली बार है कि बड़ी संख्या में मुसलमान बीजेपी से टिकट पाना चाहते हैं। इससे पहले अल्पसंख्यक बहुत तेजी से बीजेपी की तरफ तब आकर्षित हुए थे जब नरेंद्र मोदी ने गुजरात में अपनी छवि सुधारने के लिए सद्भावना मिशन लांच किया था।
पढ़ें: बदली रणनीतिः राहुल की रैली के बाद सूरत का रुख करेंगे अमित शाह
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पांच साल बाद एक बार फिर मुस्लिम नेता सचमुच सद्भावना का इंतजार कर रहे हैं। 1980 के चुनावों में जहां एक उम्मीदवार को टिकट दिया था वहीं 1998 में समुदाय को आकर्षित करने के लिए बीजेपी ने अल्पसंख्यक उम्मीदवारों का पत्ता खेला था।
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इसी बीच एक खबर आ रही है कि बड़ी संख्या में गुजरात के मुसलमान इस चुनाव में टिकट पाने के लिए लाइन में लग गए हैं। 2011 के बाद यह पहली बार है कि बड़ी संख्या में मुसलमान बीजेपी से टिकट पाना चाहते हैं। इससे पहले अल्पसंख्यक बहुत तेजी से बीजेपी की तरफ तब आकर्षित हुए थे जब नरेंद्र मोदी ने गुजरात में अपनी छवि सुधारने के लिए सद्भावना मिशन लांच किया था।
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पांच साल बाद एक बार फिर मुस्लिम नेता सचमुच सद्भावना का इंतजार कर रहे हैं। 1980 के चुनावों में जहां एक उम्मीदवार को टिकट दिया था वहीं 1998 में समुदाय को आकर्षित करने के लिए बीजेपी ने अल्पसंख्यक उम्मीदवारों का पत्ता खेला था।
पार्लियामेंट्री बोर्ड मीटिंग में उठी टिकट की मांग
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने आगामी विधानसभा चुनाव में कई सीटों की मांग की है। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के इनचार्ज महबूब अली चिश्ती ने बताया कि 2015 के चुनाव में 350 मुसलमान उम्मीदवारों ने सीट पर कब्जा किया था। हाल ही में हुए पार्लियामेंट्री बोर्ड मीटिंग में मुस्लिम समुदायों के नेताओं ने पार्टी टिकट की मांग की है। चिश्ती ने बताया कि जमालपुर-खादिया,वेजालपुर, वाग्रा, वानकानेर, भुज और अब्डासा सीट पर मुस्लमान अपना अधिकार चाहते हैं।
जमालपुर-खादिया संसदीय क्षेत्र में 61 फीसदी मुसलमान वोटर हैं। उस क्षेत्र के उस्मान घांची पेशे से बिल्डर हैं और पिछले दस वर्षों से पार्टी से जुड़े हैं। लेकिन इसबार उस्मान अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है। पूर्व आईपीएस अधिकारी ए आई सय्यद भी इस बार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं वो कहते हैं कि मैं 9 वर्षों से बीजेपी के साथ जुड़ा हूं, अगर बीजेपी मुझे टिकट ऑफर करती है तो मैं जरूर चुनाव लगूंगा। सय्यद 2010 का स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा था लेकिन वो हार गए थे।
जमालपुर-खादिया संसदीय क्षेत्र में 61 फीसदी मुसलमान वोटर हैं। उस क्षेत्र के उस्मान घांची पेशे से बिल्डर हैं और पिछले दस वर्षों से पार्टी से जुड़े हैं। लेकिन इसबार उस्मान अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है। पूर्व आईपीएस अधिकारी ए आई सय्यद भी इस बार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं वो कहते हैं कि मैं 9 वर्षों से बीजेपी के साथ जुड़ा हूं, अगर बीजेपी मुझे टिकट ऑफर करती है तो मैं जरूर चुनाव लगूंगा। सय्यद 2010 का स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा था लेकिन वो हार गए थे।