Politics: गठबंधन की चर्चा के बीच फिर साथ दिखे उद्धव-राज; भाजपा बोली- इससे बीएमसी चुनावों पर कोई असर नहीं
महाराष्ट्र में निकाय चुनाव से पहले उद्धव और राज ठाकरे संजय राउत के पोते के नामकरण समारोह में एक साथ दिखे। पिछले महीने हुई मुलाकात के बाद अब दोनों के गठबंधन की अटकलें तेज हुईं, लेकिन भाजपा ने इन अटकलों पर कहा कि इससे बीएमसी चुनाव परिणाम पर कोई असर नहीं होगा।
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महाराष्ट्र में होने वाले शहरी निकाय चुनावों में गठबंधन की अटकलों के बीच रविवार को ठाकरे बंधु एक बार फिर साथ दिखे, जिससे महाराष्ट्र की सियासत में राजनीतिक गर्माहट एक बार फिर तेज हो गई है। उद्धव और राज रविवार को शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत के पोते के नामकरण कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव के अलावा उनके बेटे और विधायक आदित्य ठाकरे, शिवसेना (यूबीटी) नेता अनिल देसाई और मिलिंद नार्वेकर भी मौजूद थे।
बता दें कि पिछले महीने उद्धव मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे की मां कुंदा से मिलने उनके आवास गए थे। राज ने साल 2005 में शिवसेना छोड़ दी और अलग पार्टी का निर्माण किया था। माना जा रहा है कि निकाय चुनाव में उद्धव और राज की पार्टियां एकसाथ मिलकर चुनाव लड़ सकती हैं। मराठी भाषा को लेकर जारी विवाद के बीच करीब तीन महीने पहले शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे वर्षों बाद पहली बार एक मंच साथ आए थे।
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भाजपा नेताओं ने दी प्रतिक्रिया
ऐसे में जब राज और उद्धव ठाकरे एक बार फिर साथ आने की खबर फिर से सुर्खियाों में आई तब भाजपा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा ने इसे महापालिका चुनावों पर असर डालने वाला नहीं बताया। भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि भगवान ने उन्हें एक ही परिवार में भेजा लेकिन वो साथ नहीं रह सके। अगर वो साथ आते हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं, लेकिन इससे चुनाव का नतीजा नहीं बदलेगा।
वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता प्रवीण डेरेकर ने कहा कि उद्धव को पहले राज ठाकरे की जरूरत नहीं थी, अब शायद लग रही है। अगर राज उन्हें माफ कर देते हैं तो हमें फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि मनसे और शिवसेना (यूबीटी) का गठबंधन भी बीएमसी चुनाव के नतीजों को प्रभावित नहीं करेगा।
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बीएमसी चुनाव को लेकर राज्यभर में गर्माहट
गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) पहले 20 साल तक बीएमसी पर काबिज रही है और इस साल के अंत में होने वाले चुनावों को लेकर सभी दल सक्रिय हो गए हैं। वर्तमान में राज्य में भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और अजित पवार की एनसीपी वाली ‘महायूति’ सत्ता में है, जबकि उद्धव ठाकरे कांग्रेस और शरद पवार गुट के साथ ‘महा विकास अघाड़ी’ में हैं।