फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BJP leaders downplay Uddhav-Raj meeting, say it won't impact outcome of BMC polls

Politics: गठबंधन की चर्चा के बीच फिर साथ दिखे उद्धव-राज;  भाजपा बोली- इससे बीएमसी चुनावों पर कोई असर नहीं

Sun, 05 Oct 2025 05:59 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिव शुक्ला Updated Sun, 05 Oct 2025 05:59 PM IST
सार

महाराष्ट्र में निकाय चुनाव से पहले उद्धव और राज ठाकरे संजय राउत के पोते के नामकरण समारोह में एक साथ दिखे। पिछले महीने हुई मुलाकात के बाद अब दोनों के गठबंधन की अटकलें तेज हुईं, लेकिन भाजपा ने इन अटकलों पर कहा कि इससे बीएमसी चुनाव परिणाम पर कोई असर नहीं होगा।

विज्ञापन
BJP leaders downplay Uddhav-Raj meeting, say it won't impact outcome of BMC polls
गणेश चतुर्थी के अवसर पर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे - फोटो : PTI

विस्तार

महाराष्ट्र में होने वाले शहरी निकाय चुनावों में गठबंधन की अटकलों के बीच रविवार को ठाकरे बंधु एक बार फिर साथ दिखे, जिससे महाराष्ट्र की सियासत में राजनीतिक गर्माहट एक बार फिर तेज हो गई है। उद्धव और राज रविवार को शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत के पोते के नामकरण कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव के अलावा उनके बेटे और विधायक आदित्य ठाकरे, शिवसेना (यूबीटी) नेता अनिल देसाई और मिलिंद नार्वेकर भी मौजूद थे।

विज्ञापन


बता दें कि पिछले महीने उद्धव मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे की मां कुंदा से मिलने उनके आवास गए थे। राज ने साल 2005 में शिवसेना छोड़ दी और अलग पार्टी का निर्माण किया था। माना जा रहा है कि निकाय चुनाव में उद्धव और राज की पार्टियां एकसाथ मिलकर चुनाव लड़ सकती हैं। मराठी भाषा को लेकर जारी विवाद के बीच करीब तीन महीने पहले शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे वर्षों बाद पहली बार एक मंच साथ आए थे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- बारिश का कहर: उत्तर बंगाल में सड़कें-पुल ध्वस्त, सिक्किम से संपर्क टूटा, अब तक 18 की मौत; कल CM करेंगी दौरा
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा नेताओं ने दी प्रतिक्रिया
ऐसे में जब राज और उद्धव ठाकरे एक बार फिर साथ आने की खबर फिर से सुर्खियाों में आई तब भाजपा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा ने इसे महापालिका चुनावों पर असर डालने वाला नहीं बताया। भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि भगवान ने उन्हें एक ही परिवार में भेजा लेकिन वो साथ नहीं रह सके। अगर वो साथ आते हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं, लेकिन इससे चुनाव का नतीजा नहीं बदलेगा।


वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता प्रवीण डेरेकर ने कहा कि उद्धव को पहले राज ठाकरे की जरूरत नहीं थी, अब शायद लग रही है। अगर राज उन्हें माफ कर देते हैं तो हमें फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि मनसे और शिवसेना (यूबीटी) का गठबंधन भी बीएमसी चुनाव के नतीजों को प्रभावित नहीं करेगा।

ये भी पढ़ें:- Manipur: सुरक्षा बलों की PLA के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 15 गिरफ्तार; असम राइफल्स के काफिले पर हमले में थे शामिल

बीएमसी चुनाव को लेकर राज्यभर में गर्माहट
गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) पहले 20 साल तक बीएमसी पर काबिज रही है और इस साल के अंत में होने वाले चुनावों को लेकर सभी दल सक्रिय हो गए हैं। वर्तमान में राज्य में भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और अजित पवार की एनसीपी वाली ‘महायूति’ सत्ता में है, जबकि उद्धव ठाकरे कांग्रेस और शरद पवार गुट के साथ ‘महा विकास अघाड़ी’ में हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed