बीजेपी में बड़े बदलाव से पहले मंथन का दौर जारी
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प्रधानमंत्री की टीम कैबिनेट में बड़े बदलाव के बाद अब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की टीम में बड़े बदलाव की पटकथा लिखी जा रही है। बड़े बदलाव के लिए संघ और पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच मंथन का दौर जारी है।
चूंकि भावी बदलाव में संघ से आए दो महासचिवों की नई भूमिका की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस कारण अमित शाह की नई टीम की घोषणा में विलंब हो रहा है। शुक्रवार को भी नई टीम पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह के निवास पर पार्टी अध्यक्ष शाह, संघ की ओर से भाजपा की जिम्मेदारी संभाल रहे कृष्ण गोपाल और नितिन गडकरी के बीच लंबी बातचीत हुई।
गौरतलब है कि पार्टी के संविधान के अनुसार नई कार्यकारिणी में एक तिहाई नए चेहरे को जगह दिया जाना अनिवार्य है। इसके अलावा केंद्रीय संगठन में पहले से ही कई पद रिक्त हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि अगर संगठन के खाली पदों को ही भरा जाना होता तो अब तक शाह अपनी टीम की घोषणा कर चुके होते।
संघ से जुड़े दो महासचिवों के कारण नहीं हुई नाम की घोषणा
चूंकि बड़ा बदलाव होना है और इस बदलाव में संघ से जुड़े दो महासचिवों के लिए नई जिम्मेदारी तय किए जाने का प्रस्ताव है। यही कारण है कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कई स्तर पर बैठकों और मंथन के दौर के बावजूद टीम की घोषणा नहीं हुई है।
बदलाव में एक प्रस्ताव संयुक्त महासचिव वी सतीश को राम लाल की जगह संगठन महासचिव की जिम्मेदारी दिए जाने की है। इस क्रम में राम लाल को उपाध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव है। जबकि संघ से ही आए एक महासचिव की भी नई भूमिका तय करने का भी प्रस्ताव है। चूंकि दोनों बड़े बदलावों का प्रस्ताव सीधे संघ से जुड़ा है, ऐसे में विचार विमर्श का दौर लंबा खिंच रहा है।
बदलाव में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की वर्तमान टीम में से अविनाश राय खन्ना की छुट्टी किए जाने की चर्चा है। इसके अलावा इस टीम में मंत्रिमंडल में शामिल पुरुषोत्तम रुपाला और कर्नाटक के अध्यक्ष बनाए गए बीएस येदियुरप्पा की जगह भी नए चेहरे की जरूरत पड़ेगी। महासचिवों के खाली पदों को भरने के अलावा वर्र्तमान टीम से तीन नेताओं की छुट्टी का प्रस्ताव है।