पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यक वोट बैंक की सेंधमारी में जुटी भाजपा
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भाजपा पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अल्पसंख्यक वोट बैंक में सेंध लगाने में जुट गई है। इस क्रम में पार्टी ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में ज्यादा मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। इस साल पंचायत चुनावों में पार्टी के मुस्लिम उम्मीदवारों को मिली कामयाबी के बाद भाजपा ने यहां अपनी रणनीति में बदलाव का फैसला किया है। भाजपा ने इन चुनावों में 850 से ज्यादा मुस्लिमों को उम्मीदवार बनाया था। उनमें से लगभग आधे लोग चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे। पार्टी ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में राज्य की 42 में से महज दो सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार खड़े किए थे।
लेकिन उसके बाद राज्य के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं। भाजपा अब यहां माकपा व कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए प्रमुख विपक्षी पार्टी के तौर पर उभरी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यकों की 30 फीसदी आबादी को ध्यान में रखते हुए पार्टी अबकी ज्यादा मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। पार्टी के प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रमुख अली हुसैन ने भी घोष की बातों का समर्थन किया है।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा की इस रणनीति का मखौल उड़ाते हुए कहा कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी पर अल्पसंख्यकों का भरोसा कायम है। तृणमूल कांग्रेस नेता पार्थ चटर्जी ने कहा कि भाजपा की यह रणनीति आंखों में धूल झोंकने के लिए बनी है। अल्पसंख्यक लोग भी भाजपा की मंशा से वाकिफ हैं। माकपा व कांग्रेस भी मुस्लिमों तक पहुंचने का भाजपा की रणनीति की खिल्ली उड़ाते हुए कहा है कि वह लोकसभा चुनावों से पहले घड़ियाली आंसू बहा रही है।