दिल्ली विधानसभा चुनाव: भाजपा करीब 30 सीटों पर बना सकी सहमति, आज घोषणा संभव
- भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक देर रात तक चली
- 3 घंटे से अधिक समय तक हुई प्रत्याशी चयन पर चर्चा
- भाजपा नुकसान से बचने को बनाएगी डैमेज कंट्रोल कमेटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली विधानसभा चुनाव कितना अहम है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद भी सभी सीटों पर निर्णय नहीं लिया जा सका। पार्टी मुख्यालय में गुरुवार देर शाम शुरू हुई बैठक देर रात तक चली, लेकिन प्रत्याशियों के चयन पर नतीजे पर पार्टी नहीं पहुंच सकी। हालांकि, 70 विधानसभा में करीब 30 सीटों पर सहमति बन गई है।
#UPDATE: BJP Central Election Committee (CEC) meeting at the party headquarters concludes. #DelhiElections2020 https://t.co/PrFWbCOMsc
— ANI (@ANI) January 16, 2020विज्ञापन
प्रदेश भाजपा नेताओं को उम्मीद थी कि बृहस्पतिवार देर रात प्रत्याशियों की सूची फाइनल हो जाएगी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, प्रकाश जावड़ेकर, डॉ. हषवर्धन, प्रदेश भाजपा प्रभारी श्याम जाजू, चुनाव सह प्रभारी तरुण चुघ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल, विधानभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता समेत कई शामिल थे।
इस दौरान सभी 70 सीटों के दावेदारों के नाम पर चर्चा की गई। प्रदेश भाजपा की तरफ से प्रत्याशियों की सूची पर विशेष चर्चा हुई। केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से कराए गए सर्वे पर भी चर्चा की गई। केंद्रीय नेतृत्व ने कई तरह के सवाल भी प्रदेश की तरफ से पेश की गई सूची पर की। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों पर जीत हासिल करने वाले संभावित प्रत्याशियों पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
नई दिल्ली विधानसभा सीट को लेकर भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने विशेष चर्चा की। हालांकि, तमाम कवायद के बाद भी देर रात तक मंथन के बाद सभी सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों के नाम पर निर्णय नहीं लिया जा सका। अकाली व जजपा को कितनी सीट दी जाए इसे लेकर भी चर्चा हुई।
बागियों को रोकने के लिए भाजपा बनाएगी डैमेज कंट्रोल कमेटी
नेताजी कहीं बागी नहीं बन जाए इसे लेकर भाजपा अभी से सतर्क है। टिकट बंटवारे के बाद विरोध के सुर को कैसे रोका जाएगा, इसको लेकर टिकट फाइनल होने से पहले ही रणनीति तैयार की जा रही है।
भाजपा ने एक डैमेज कंट्रोल कमेटी बनाने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, भाजपा के वरिष्ठ नेता इस कमेटी का हिस्सा होंगे, जो टिकट नहीं मिलने की स्थिति में विद्रोही तेवर को नरम करने के लिए रणनीति तैयार करेंगे।
दरअसल, पार्टी को यह डर सता रहा है कि विद्रोही तेवर अख्तियार करने वाले भाजपा नेता व कार्यकर्ता विपक्ष का हाथ न थाम लें। ऐसे में पार्टी की किरकिरी भी होगी और भारी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। अंदरूनी घात से बचाने के लिए यह कमेटी काम करेगी।