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Rajasthan: ब्राह्मण मुख्यमंत्री, राजपूत और दलित उप-मुख्यमंत्री, राजस्थान में भाजपा ने ऐसे साधे जातीय समीकरण

Tue, 12 Dec 2023 06:25 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 12 Dec 2023 06:25 PM IST
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सार
राजस्थान में मंगलवार को भजन लाल शर्मा के रूप में नए मुख्यमंत्री का एलान कर दिया गया। भाजपा ने दीया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा को उपमुख्यमंत्री घोषित किया है। पार्टी ने इन नामों के साथ पूरे राज्य में जातीय समीकरण साधने की भी कोशिश की है। 
 
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BJP Caste equation in choosing cm deputy cm and speaker in rajasthan mp and chhattisgarh
राजस्थान - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

राजस्थान में नौ दिन से जारी सियासी अटकलों पर आखिरकार मंगलवार को विराम लग गया। भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के नाम का एलान कर दिया। भजन लाल शर्मा राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। इसके साथ ही दीया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा के रूप में दो उप मुख्यमंत्री भी बनाए जाएंगे। नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 दिसंबर को होगा। अजमेर उत्तर से विधायक वासुदेव देवनानी राजस्थान विधानसभा के अगले अध्यक्ष होंगे। भाजपा ने इन नामों के साथ पूरे राजस्थान में जातीय समीकरण को साधने की कोशिश की है। ऐसे ही फैसले पहले मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को लेकर किए गए।  

राजस्थान में ऐसे साधे गए जातीय समीकरण
भजन लाल शर्मा: 
राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के रूप में भजन लाल शर्मा के नाम की घोषणा की गई है। 56 साल के भजन लाल जयपुर जिले की सांगानेर सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने हैं। भरतपुर के रहने वाले भजन लाल शर्मा ब्राह्मण समुदाय से आते हैं। राज्य की कुल आबादी में ब्राह्मण वर्ग की हिस्सेदारी करीब आठ फीसदी है। 

दीया कुमारी: जिन दो विधायकों को उपमुख्यमंत्री चुना गया है उनमें पहला नाम दीया कुमारी का है। 52 साल की दीया जयपुर जिले की विद्याधर नगर सीट से चुनाव जीती हैं। जयपुर राजघराने से आने वाली दीया दूसरी बार विधायक बनी हैं। इससे पहले वह 2013 में सवाई माधोपुर से विधायक रह चुकी हैं। 2018 में टिकट नहीं मिला, लेकिन 2019 में लोकसभा में उन्हें मौका मिला। वह राजसमंद लोकसभा सीट से जीतकर संसद पहुंचीं। जयपुर में जन्मीं दीया राजपूत समाज से ताल्लुक रखती हैं। प्रदेश में राजपूतों की आबादी करीब नौ फीसदी है। 

प्रेम चंद बैरवा: दूसरे उपमुख्यमंत्री के रूप में प्रेम चंद बैरवा का नाम सामने आया है। 54 साल के बैरवा दूदू सीट से चुनाव जीतकर दूसरी बार विधायक बने हैं। दूदू (पूर्व में जयपुर जिला में शामिल था) के रहने वाले बैरवा दलित समुदाय से आते हैं। राज्य में दलित की आबादी 18 फीसदी है। 



वासुदेव देवनानी: विधानसभा के लिए वासुदेव देवनानी का नाम तय किया गया है। देवनानी अजमेर उत्तर सीट से विधायक चुने गए हैं। पांच बार के विधायक वासुदेव अजमेर के रहने वाले हैं। देवनानी का संबंध सिंधी समाज से है। अजमेर शहर सिंधी बहुल है और वासुदेव देवनानी राज्य के एकमात्र सिंधी विधायक हैं। राजस्थान का विशाल क्षेत्र में सिंधी आबादी बिखरी हुई है। अनुमान के अनुसार पूरे राजस्थान में नौ लाख सिंधी आबादी रहती है। राजस्थान की कुल सिंधी आबादी का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर आदि शहरों में रहता है। 

डॉ. मोहन यादव संभालेंगे मुख्यमंत्री का पद।
डॉ. मोहन यादव संभालेंगे मुख्यमंत्री का पद। - फोटो : Amar Ujala
मध्य प्रदेश में ऐसे साधे गए जातीय समीकरण
इससे पहले मध्य प्रदेश में पिछड़ा वर्ग से आने वाले मोहन यादव को प्रदेश का नया मुख्यमंत्री बनाया गया। राज्य की करीब 50.25 फीसदी आबादी इसी वर्ग से आती है। यहां भी दो उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। इनमें जगदीश देवड़ा दलित वर्ग से आते हैं। राज्य में इस वर्ग की कुल आबादी 15.62% है। वहीं, दूसरे उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ब्राह्मण वर्ग से आते हैं। राज्य की पांच से छह फीसदी आबादी ब्राह्मण वर्ग की है। जबकि, राजपूत समाज से आने वाले नरेंद्र सिंह तोमर राज्य के नए विधानसभा अध्यक्ष हैं। इस वर्ग की राज्य में आबादी करीब सात से आठ फीसदी है।


 

छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छत्तीसगढ़ में भी सामाजिक संतुलन का रखा खास ध्यान
राजस्थान और मध्य प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी मुख्यमंत्री के साथ दो उप-मुख्यमंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष के नाम का एलान किया गया है। यहां भी समाजिक संतुलन को ध्यान में रखा गया। यहां आदिवासी समुदाय से आने वाले विष्णु देव साय को राज्य का अगला मुख्यमंत्री चुना गया। आदिवासी आबादी की बात करें तो छत्तीसगढ़ में इनकी आबादी 30.60 फीसदी है। वहीं, उप-मुख्यमंत्री अरुण साव पिछड़े वर्ग से आते हैं। जिनकी राज्य में कुल आबादी में हिस्सेदारी 52 फीसदी है। दूसरे उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा ब्रह्मण समाज और विधानसभा अध्यक्ष बनाए गए रमन सिंह राजपूत समाज से आते हैं। दोनों जातियों की राज्य में करीब दो से तीन फीसदी आबादी है।
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