{"_id":"5b332f504f1c1bb51e8b80c0","slug":"bipin-rawat-broke-his-silence-on-un-human-rights-violation-reports-and-called-it-motivated","type":"story","status":"publish","title_hn":"संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर भड़के सेनाध्यक्ष, कहा- सेना का रिकॉर्ड शानदार है","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर भड़के सेनाध्यक्ष, कहा- सेना का रिकॉर्ड शानदार है
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 27 Jun 2018 02:08 PM IST
विज्ञापन
बिपिन रावत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने कश्मीर में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन संबंधी संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को आज ‘प्रेरित’ बताते हुए उसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार के क्षेत्र में भारतीय सेना के रिकॉर्ड से कश्मीर के लोग और अंतरराष्ट्रीय समुदाय वाकिफ हैं।
विज्ञापन
एक समारोह से इतर रावत ने संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे भारतीय सेना के मानवाधिकार रिकॉर्ड के बारे में बोलने की जरूरत नहीं है। आप सभी इससे भली-भांति वाकिफ हैं, कश्मीर के लोग और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इसे बेहतर ढंग से जानता है। मुझे नहीं लगता कि हमें इस रिपोर्ट को लेकर ज्यादा चिंता करनी चाहिए। इनमें से कुछ रिपोर्ट प्रेरित होती हैं।’
विज्ञापन
उन्होंने जोर देकर कहा कि मानवाधिकार के क्षेत्र में भारतीय सेना का रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। इस महीने के आरंभ में जारी एक रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) ने कश्मीर और पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन की बात करते हुए इसकी अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की बात कही थी।
विज्ञापन
भारत ने बेहद कड़े शब्दों में रिपोर्ट को ‘गलत, विवादास्पद और प्रेरित’ बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था।विदेश मंत्रालय ने कहा था कि रिपार्ट ‘अतिपूर्वाग्रही’ है और वह ‘गलत छवि’ पेश करना चाहता है।
मंत्रालय का कहना है कि यह रिपोर्ट काफी हद तक असत्यापित जानकारियों का एक चुनिंदा संकलन है। मंत्रालय ने कहा- 'यह रिपोर्ट भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती है। जम्मू और कश्मीर का पूरा राज्य भारत का अभिन्न अंग है। पाकिस्तान ने आक्रामकता के माध्यम से भारतीय राज्य के एक हिस्से पर अवैध और जबरन कब्जा किया हुआ है।'