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Unseasonal rain: बेमौसम बारिश से आम की फसल को भी बड़ा नुकसान, उत्पादन कम होने से दाम महंगे होने की आशंका

Tue, 04 Apr 2023 05:14 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Tue, 04 Apr 2023 05:14 PM IST
सार

Unseasonal rain: दक्षिण भारत में पैदा होने वाली आम की फसल सफेदा बाजार में आ चुकी है। बाद में बारिश होने के कारण दक्षिण भारत की आम की फसलों को कम नुकसान हुआ है। हालांकि, इसके बाद भी फसल के उत्पादन में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट की उम्मीद है...

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Big loss to mango crop due to unseasonal rains, possibility of costlier prices due to less production
Unseasonal rain: Mango Corp - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

देश के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर हो रही बारिश से आम की फसल को भी बड़ा नुकसान हुआ है। इससे आम की फसल का उत्पादन 20 फीसदी तक घट सकता है। सबसे ज्यादा नुकसान उत्तर भारत में पैदा होने वाली आम की फसलों दसहरी, लंगड़ा और चौसा को हुआ है। उत्पादन कम होने से इस साल आम के दाम भी बढ़ने की आशंका है।

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विशेषज्ञ ने कहा, दवाओं का करें छिड़काव

भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु के निदेशक डॉ. संजय सिंह ने अमर उजाला को बताया कि बारिश के कारण मौसम में नमी ज्यादा होने से आम की फसल पर फफूंद और कीट लगने की घटनाएं ज्यादा हो गई हैं। आम की बौर में कीट लगने से बौर जल जा रही हैं। कुछ कीट बौर को काटकर गिरा देते हैं। इससे आम की फसल में 15-20 फीसदी तक उत्पादन कम हो सकता है।

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फफूंद के कारण आम की फसल पर दाग आ जाएगा, जिससे किसानों-व्यापारियों को फसल के अच्छे दाम नहीं मिलेंगे। इससे बचने के लिए अभी किसानों को फफूंद-कीट नाशक दवाओं का छिड़काव कर देना चाहिए, जिससे ज्यादा नुकसान को कम किया जा सके। इसी समय सूक्ष्म तत्त्वों का घोल (जिंक, बोरान और मैंगनीज इत्यादि) का छिड़काव करने से फसल की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।      

उत्तर भारत की आम फसलों को ज्यादा नुकसान

दक्षिण भारत में पैदा होने वाली आम की फसल सफेदा बाजार में आ चुकी है। बाद में बारिश होने के कारण दक्षिण भारत की आम की फसलों को कम नुकसान हुआ है। हालांकि, इसके बाद भी फसल के उत्पादन में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट की उम्मीद है। इसी तरह मुंबई और रत्नागिरी क्षेत्र में पैदा होने वाले अलफांसो और केसर की फसल भी बाजार में आ चुकी है।

मुजफ्फरनगर के आम व्यवसायी तारिक मुस्तफा ने बताया कि बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान उत्तर भारत में पैदा होने वाली आम की फसलों (दसहरी, लंगड़ा, गुलाब जामुन और चौसा) को हुआ है जिसमें इस समय मंजरी आ रही है या फल लगने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बारिश से बौर इकट्ठे होकर आपस में चिपक जाते हैं, जिससे उनमें फल का उत्पादन नहीं होता।   

लंगड़ा आम उत्तर भारत की प्रमुख फसल है, जिसे बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना है। दसहरी आम की डंडियां अपेक्षाकृत ज्यादा मजबूत होने से वे बारिश के इस नुकसान को कुछ हद तक झेलने में कामयाब रही हैं, जिससे उनका कम नुकसान हुआ है।

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