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कोरेगांव हिंसा: FIR पर बोले जिग्नेश मेवाणी- मुझे टारगेट बनाया जाना BJP की बचकानी हरकत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 05 Jan 2018 02:30 PM IST
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jignesh mewani
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मुंबई के पुणे में भीमा-कोरेगांव जातीय हिंसा पर गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने अपनी बात रखी है। अपने ऊपर एफआईआर दर्ज किए जाने पर नाराजगी जताते हुए जिग्नेश ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उन्हें निशाना बना रही है। दलित नेता मेवाणी ने कहा कि उनपर भड़काऊ भाषण देने का झूठा आरोप लगाया जा रहा है। जब मैं वहां गया ही नहीं तो उनका नाम शामिल किया जाना कहां तक सही है? शुक्रवार को जिग्नेश दिल्ली में थे और उन्होंने यहां पत्रकारों से भी मुलाकात कर अपनी बात रखी।
जिग्नेश ने कहा कि गुजरात विधानसभा में 150 सीटें हासिल न कर पाने का बदला बीजेपी उनसे ले रही है। उन्होंने कहा कि 2019 को होनेे वाले लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी परेशान है और वे आम चुनाव में पीएम मोदी को कड़ी टक्कर देंगे।
पुणे में 200 साल पुराने भीमा-कोरेगांव युद्ध के जश्न के दौरान भड़की हिंसा के पीछे गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवानी और जेएनयू छात्र नेता उमर खालिद के नाम सामने आए थे।
पुणे पुलिस के मुताबिक, इन दोनों नेताओं के खिलाफ 2 जनवरी को 'एल्गार परिषद्' इवेंट के दौरान भड़काऊ भाषण देने पर कई शिकायतें भी मिली थीं।
शिकायतकर्ताओं में ज्यादात्तर स्थानीय लोग थे जिन्होंने मेवाणी और खालिद पर भड़काऊ भाषण देने पर केस दर्ज करने की बात कही। आरोप था कि उनके भाषण समुदायों को भड़काने वाले थे। इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद इसकी आंच महाराष्ट्र के 18 जिलों तक फैल गई।
एक शिकायतकर्ता के मुताबिक, दोनों के भाषणों ने लोगों को उकसाया जिसके बाद राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने हिंसात्मक गतिविधियों को अंजाम दिया। बता दें कि पुणे जिले में सोमवार को भीमा-कोरेगांव में लड़ाई की 200वीं सालगिरह को शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया जिसमें बड़ी तादाद में दलित इकट्ठा हुए थे।
इस दौरान कुछ लोगों ने भीमा-कोरेगांव विजय स्तंभ की तरफ जाने वाले लोगों की गाड़ियों पर हमला बोल दिया। इसके बाद हिंसा भड़क गई जिसमें साणसवाड़ी के राहुल पटांगले की मौत हो गई।
हिंसा के विरोध में मंगलवार को मुंबई, नासिक, पुणे, ठाणे, अहमदनगर, औरंगाबाद और सोलापुर सहित राज्य के एक दर्जन से अधिक शहरों में दलित संगठनों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई।
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जिग्नेश ने कहा कि गुजरात विधानसभा में 150 सीटें हासिल न कर पाने का बदला बीजेपी उनसे ले रही है। उन्होंने कहा कि 2019 को होनेे वाले लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी परेशान है और वे आम चुनाव में पीएम मोदी को कड़ी टक्कर देंगे।
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Members of Sangh Parivar & BJP made a childish attempt to tarnish my image & target me, it is an after effect of the Gujarat results & it is also because they have a sense of fear about 2019: Jignesh Mewani on FIR against him #BhimaKoregaonViolence pic.twitter.com/PmfyLUa63U
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 5, 2018
पुणे में 200 साल पुराने भीमा-कोरेगांव युद्ध के जश्न के दौरान भड़की हिंसा के पीछे गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवानी और जेएनयू छात्र नेता उमर खालिद के नाम सामने आए थे।
पुणे पुलिस के मुताबिक, इन दोनों नेताओं के खिलाफ 2 जनवरी को 'एल्गार परिषद्' इवेंट के दौरान भड़काऊ भाषण देने पर कई शिकायतें भी मिली थीं।
शिकायतकर्ताओं में ज्यादात्तर स्थानीय लोग थे जिन्होंने मेवाणी और खालिद पर भड़काऊ भाषण देने पर केस दर्ज करने की बात कही। आरोप था कि उनके भाषण समुदायों को भड़काने वाले थे। इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद इसकी आंच महाराष्ट्र के 18 जिलों तक फैल गई।
एक शिकायतकर्ता के मुताबिक, दोनों के भाषणों ने लोगों को उकसाया जिसके बाद राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने हिंसात्मक गतिविधियों को अंजाम दिया। बता दें कि पुणे जिले में सोमवार को भीमा-कोरेगांव में लड़ाई की 200वीं सालगिरह को शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया जिसमें बड़ी तादाद में दलित इकट्ठा हुए थे।
इस दौरान कुछ लोगों ने भीमा-कोरेगांव विजय स्तंभ की तरफ जाने वाले लोगों की गाड़ियों पर हमला बोल दिया। इसके बाद हिंसा भड़क गई जिसमें साणसवाड़ी के राहुल पटांगले की मौत हो गई।
हिंसा के विरोध में मंगलवार को मुंबई, नासिक, पुणे, ठाणे, अहमदनगर, औरंगाबाद और सोलापुर सहित राज्य के एक दर्जन से अधिक शहरों में दलित संगठनों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई।