भीमा कोरेगांव: संभाजी भिडे पर मेहरबान महाराष्ट्र सरकार, दंगा केस से हटेगा नाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनवरी में भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के आरोपी संभाजी भिडे पर महाराष्ट्र सरकार मेहरबान है। भिडे और उनके साथियों सहित सैकड़ों राजनेताओं पर दर्ज दंगे जैसे कई गंभीर आरोपों को देवेंद्र फणनवीस सरकार ने वापस लेने का फैसला किया है। यह जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता और अधिकार फाउंडेशन के अध्यक्ष शकील अहमद शेख को गृह विभाग की सूचना अधिकारी प्रज्ञा घाटे ने दी है।
शकील ने एक आरटीआई डाली थी जिसमें उन्होंने पूछा था कि 2008 से राजनेताओं और उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज कितने मामले वापस लिए गए हैं। जिसमें उन्हें बताया गया कि भीमा कोरेगांव हिंसा के आरोपी संभाजी भिडे के खिलाफ दर्ज 3 केस को वापस लिया गया। वहीं भाजपा और शिवसेना के नेताओं के खिलाफ दर्ज 9 मामले वापस लिए गए हैं। उन्हें गृह विभाग की सूचना व कक्ष अधिकारी प्रज्ञा घाटे ने यह सूचना दी है।
फौजदारी प्रक्रिया की धारा 321 के प्रावधानों के तहत राज्य सरकार को यह अधिकार है कि वह मामूली किस्म के अपराध में केस वापस ले सकती है। जानकारी के अनुसार जून 2017 में भिडे और उनके साथियों के खिलाफ दर्ज 3 केस वापस लिए जा चुके हैं। इसके अलावा उनके खिलाफ दर्ज तीन और मामलों को वापस लिया गया है। बता दें कि 2008 से 2014 तक कांग्रेस और एनसीपी सरकार के दौरान कोई केस वापस नहीं लिया गया है।
2014 में भाजपा की सरकार आने के बाद से जून 2017 से 14 सितंबर 2018 की अवधि में 8 शासन फैसले जारी करके 41 मामलों के आरोपियों से केस वापस लिया गया है। वहीं देवेंद्र फणनवीस की सरकार ने भाजपा और शिवसेना के कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को वापस लिया है।
Filed RTI to seek information on how many cases against political leaders&their supporters were withdrawn since 2008. 3 cases against Bhima Koregaon violence accused Sambhaji Bhide were withdrawn & 9 cases against BJP & Shiv Sena leaders withdrawn: RTI activist Shakeel A Shaikh pic.twitter.com/Fb0zLeYqud
— ANI (@ANI) October 1, 2018