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भीमा-कोरेगांव: सुरेंद्र गडलिंग की पत्नी ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, रिहाई की मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 31 Aug 2018 05:10 PM IST
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भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार एडवोकेट सुरेंद्र गडलिंग की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पुणे पुलिस द्वारा जून में गिरफ्तार गडलिंग और चार अन्य लोगों की रिहाई के लिए उन्होंने एक याचिका दायर की है।
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याचिका में मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह इस हफ्ते गिरफ्तार हुए आरोपियों को राहत दी है, ऐसे में उनके पति को भी रिहा किया जाना चाहिए क्योंकि उन्हें भी उसी एफआईआर के तहत गिरफ्तार किया गया है। सुप्रीम कोर्ट याचिका पर 6 सितंबर को सुनवाई कर सकता है।बता दें कि भीमा कोरेगांव में हुई जातीय हिंसा में सुरेंद्र गडलिंग की संदेहास्पद भूमिका के आधार उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं दी है राहत
इस मामले में गिरफ्तार पांचों मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। एफआईआर के नौ महीने बाद गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय मामले की अगली सुनवाई तक उनके घरों में ही नजरबंद रखा जाए। अगली सुनवाई 6 सितंबर को होगी।
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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने अंतरिम आदेश के तौर पर वरवर राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरा, वरनोन गोंजाल्विस और गौतम नवलखा को नजरबंद रखने का आदेश दिया। पीठ ने महाराष्ट्र सरकार सहित अन्य को मंगलवार तक जवाब दाखिल करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश इतिहासकार रोमिला थापर, देवकी जैन, प्रभात पटनायक, सतीश देशपांडे और माया दारूवाला की ओर से दायर याचिका पर दिया।