Maharashtra Politics: स्याही कांड को लेकर पाटिल ने लगाए गंभीर आरोप, कहा- मुझ पर किया गया सुनियोजित हमला
भाजपा नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने दावा किया है कि समाज सुधारकों बाबासाहेब आंबेडकर और महात्मा फुले को लेकर दिए गए उनके बयान को कुछ लोगों ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया। अब, इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी की गई है।
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महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी चिंचवड शहर में शनिवार को महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर स्याही फेंकने के बाद खड़ा हुआ विवाद थमता नहीं दिख रहा है। रविवार को उन्होंने आरोप लगाया है कि सुनियोजित हमले के तहत उन पर स्याही फेंकी गई। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि समाज सुधारकों बाबासाहेब आंबेडकर और महात्मा फुले को लेकर दिए गए उनके बयान को कुछ लोगों ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया। दूसरी ओर पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी की है। वहीं, इसमें शनिवार को ही तीन अधिकारियों सहित 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। बता दें कि बीआर आंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले पर टिप्पणी करने के एक दिन बाद चंद्रकांत पाटिल पर कुछ लोगों ने उनके ऊपर स्याही फेंकी थी।
आज क्या बोले भाजपा नेता
महाराष्ट्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता चंद्रकांत पाटिल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले से तय की गई योजना के मुताबिक उन पर स्याही फेंकी गई। इतना ही नहीं बाबासाहेब भीवराव आंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले को लेकर दिए गए उनके बयान के साथ छेड़छाड़ की गई है। कुछ लोगों ने उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर उन पर हमले की योजना बनाई थी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वे इस सुनियोजित हमले के सबूत डीएम को सौंपेंगे।
चंद्रकांत पाटिल ने आगे कहा कि उन्होंने सीएम शिंदे और डिप्टी सीएम से आग्रह किया था कि घटना के समय उनके साथ ड्यूटी पर मौजूद पुलिसवालों को निलंबित ना किया जाए। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं अजीत पवार और छगन भुजबल पर भी निशाना साधा।
चंद्रकांत पाटिल ने इस दौरान लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे घटना की जांच के सिलसिले में पुलिस को अपना काम करने दें और ऐसा कुछ ना करें, जिससे कानून व्यवस्था का मुद्दा खड़ा हो। दरअसल, भाजपा ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर दिन में कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया था।
फडणवीस ने की थी घटना की निंदा
मामले में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि ये बहुत ही दुखद घटना है। चंद्रकांत पाटिल ने जो बात कही थी उसका अर्थ समझना चाहिए था। उसका अर्थ ये था कि डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर या कर्मवीर भाउराव पाटिल ने कभी भी सरकार से अनुदान मांगकर संस्थाएं नहीं चलाई। उन्होंने लोगों के शिक्षा की व्यवस्था समाज से पैसा खड़ा कर और दानवीर लोगों को साथ में लेकर किया। मगर उनके शब्दों को पकड़कर इस तरह की घटना करना बहुत गलत बात है।