{"_id":"631715047fe1c860a93eb53d","slug":"bharat-biotech-gets-emergency-use-authorisation-from-dcgi-for-intranasal-covid-19-vaccine","type":"story","status":"publish","title_hn":"Covid-19: देश की पहली नेजल वैक्सीन को मिली DCGI की मंजूरी, स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Covid-19: देश की पहली नेजल वैक्सीन को मिली DCGI की मंजूरी, स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी
Tue, 06 Sep 2022 03:44 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 06 Sep 2022 03:44 PM IST
सार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि भारत बायोटेक द्वारा कोरोना के लिए बनाई गई देश की पहली नेजल वैक्सीन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
नेजल वैक्सीन
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना महामारी के खिलाफ भारत को एक और सफलता मिली है। देश की पहली नेजल वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि भारत बायोटेक द्वारा कोरोना के लिए बनाई गई देश की पहली नेजल वैक्सीन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है। यह भारत का कोविड-19 वायरस के लिए पहला नाक से दिया जाने वाला टीका होगा।
विज्ञापन
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने इसे लेकर खुशी जताई है। उन्होंने इसे कोरोना महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई के लिए एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा कि COVID-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में बड़ा कदम! भारत बायोटेक की ChAd36-SARS-CoV-S COVID-19 (चिंपांज़ी एडेनोवायरस वेक्टरेड) नेजल वैक्सीन को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन द्वारा कोरोना महामारी के खिलाफ आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के लिए 18+ आयु वर्ग के लिए प्राथमिक टीकाकरण के लिए मंजूरी दे दी गई है।
विज्ञापन
उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा कि यह कदम महामारी के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई को और मजबूत करेगा। भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अपने विज्ञान, अनुसंधान एवं विकास और मानव संसाधनों का इस्तेमाल किया है।
विज्ञापन
कैसे काम करती है नेजल वैक्सीन?
नेजल स्प्रे वैक्सीन को इंजेक्शन की बजाय नाक से दिया जाता है। यह नाक के अंदरुनी हिस्सों में इम्यून तैयार करती है। इसे ज्यादा कारगर इसलिए भी माना जाता है क्योंकि कोरोना समेत हवा से फैलने वाली अधिकांश बीमारियों के संक्रमण का रूट प्रमुख रूप से नाक ही होता है और उसके अंदरूनी हिस्सों में इम्युनिटी तैयार होने से ऐसे बीमारियों को रोकने में ज्यादा असरदार साबित होती है।
नेजल वैक्सीन के फायदे
- इंजेक्शन से छूटकारा
- नाक के अंदरुनी हिस्सों में इम्यून तैयार होने से सांस से संक्रमण होने का खतरा घटेगा
- इंजेक्शन से छुटकारा होने के कारण हेल्थवर्कर्स को ट्रेनिंग की जरूरत नहीं
- बच्चों का टीकाकरण करना आसान होगा
- उत्पादन आसान होने से दुनियाभर में डिमांड के अनुरूप उत्पादन और सप्लाई संभव